स्वराज्य करुण

futuredपुस्तक समीक्षा

तीन पीढ़ियों की कविताओं का जीवंत कोलाज : ‘पूरी रंगत के साथ’

छत्तीसगढ़ के 38 कवियों की प्रतिनिधि रचनाओं से सुसज्जित साझा कविता संकलन ‘पूरी रंगत के साथ’ पर स्वराज्य करुण की पुस्तक समीक्षा। यह आलेख छत्तीसगढ़ की तीन साहित्यिक पीढ़ियों, उनके रचनात्मक योगदान तथा क्षेत्रीय साहित्यिक इतिहास की महत्वपूर्ण झलक प्रस्तुत करता है।

Read More
futuredसाहित्य

पंडित माधवराव सप्रे जिन्होंने 126 वर्ष पहले छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता का पौधा लगाया

हिंदी पत्रकारिता और साहित्य के पुरोधा पंडित माधवराव सप्रे की जयंती पर विशेष आलेख। जानिए कैसे उन्होंने वर्ष 1900 में ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ की स्थापना कर छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता की नींव रखी, ‘हिंदी केसरी’ का प्रकाशन किया, लोकमान्य तिलक के ग्रंथों का हिंदी अनुवाद किया और राष्ट्रीय चेतना के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Read More
futuredलोक-संस्कृति

जब कोई गाँव या शहर बन जाता है रंगमंच!

ओड़िशा की प्रसिद्ध लोकनाट्य परंपरा ‘धनुजात्रा’ में पूरा गाँव या शहर रंगमंच बन जाता है। कृष्ण-कथा पर आधारित इस अनूठे महानाटक में कंस की प्रजा-वत्सल छवि, लोक-संस्कृति, जनभागीदारी और भारतीय रंगमंच की अद्भुत परंपरा का विस्तृत परिचय।

Read More
futuredविश्व वार्ता

पर्यावरण संकट को लेकर हमारी चुप्पी: शर्मनाक भी और खतरनाक भी!

विश्व पर्यावरण दिवस के संदर्भ में पर्यावरण संकट, जंगलों की कटाई, प्लास्टिक प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और मानव की बढ़ती उदासीनता पर केंद्रित यह विचारोत्तेजक आलेख प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए सामूहिक जनभागीदारी का आह्वान करता है।

Read More
futuredविविध

सायकिल है स्वास्थ्यवर्धक और पर्यावरण हितैषी वाहन

विश्व सायकिल दिवस पर जानिए क्यों सायकिल सबसे सस्ता, स्वास्थ्यवर्धक और पर्यावरण हितैषी वाहन है। बढ़ती महँगाई, प्रदूषण और स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच सायकिल का महत्व पहले से अधिक बढ़ गया है।

Read More
futuredविविध

जब कोलकाता से उगा हिन्दी पत्रकारिता का सूरज

30 मई हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर विशेष आलेख। जानिए भारत की हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्षों का इतिहास, उदन्त मार्तण्ड की शुरुआत, राजा राममोहन राय, हिक्की गजट तथा छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता परम्परा की गौरवगाथा।

Read More