अभनपुर के ग्रेसियस कॉलेज में एबीवीपी द्वारा “परिसर चलो अभियान” एवं “विकसित भारत” विषय पर छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई।
राज्यसभा में सात सांसदों के दल-विलय को मंजूरी मिलने के बाद भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव, AAP को झटका और BJP-NDA की ताकत बढ़ी।
जलवायु परिवर्तन के ऐतिहासिक कारण, विकसित देशों की भूमिका, जलवायु न्याय की अवधारणा तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए भारत सरकार के प्रयासों पर आधारित विस्तृत गद्यात्मक आलेख।
क्या सती प्रथा वास्तव में भारतीय संस्कृति की मूल पहचान थी? ऋग्वेद के “जीवलोक” मंत्र, वैदिक दृष्टि, औपनिवेशिक इतिहास लेखन और भारतीय सभ्यता में स्त्री की भूमिका के संदर्भ में इस विमर्श का संतुलित विश्लेषण।
छत्तीसगढ़ सरकार ने मैनपाट में अटल विहार योजना हेतु 4.80 हेक्टेयर भूमि आवंटित की। आधुनिक वेलनेस, पर्यटन और आवासीय सुविधाओं से क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
वेदों और पुराणों में निहित प्रकृति संरक्षण की अवधारणा आज के पर्यावरण संकट के समाधान का मार्ग दिखाती है। जानिए कैसे भारतीय परंपरा में जैव विविधता, संतुलन और सतत विकास का गहरा संबंध है।
युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों के माध्यम से जानिए कि भविष्य के वैश्विक परिदृश्य में भारत किस प्रकार आध्यात्मिक चेतना, नैतिक नेतृत्व और विश्व कल्याण की महती भूमिका निभाने वाला है।
विश्व मधुमक्खी दिवस पर आधारित यह आलेख मधुमक्खियों के पारिस्थितिक, कृषि, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व को रेखांकित करता है। जानिए कैसे यह नन्हा जीव जैव विविधता, खाद्य सुरक्षा और मानव सभ्यता के अस्तित्व की आधारशिला बना हुआ है।
बिलासपुर में 17 मई 2026 को डॉ. पालेश्वर प्रसाद शर्मा की स्मृति में भव्य साहित्यिक आयोजन होगा। कार्यक्रम में पुस्तकों का लोकार्पण, साहित्यिक विमर्श और विभिन्न सम्मान प्रदान किए जाएंगे।
क्या जैव विविधता का ह्रास सीधे मानव स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है? वेदों और पुराणों की दृष्टि से जानिए प्रकृति, रोग और जीवन के गहरे संबंध को समझने का वैज्ञानिक आधार।
