बालोद जिले के तुएगोंडी-पाटेश्वर धाम विवाद की जमीनी पड़ताल। क्या यह वास्तव में आदिवासी आंदोलन है या बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप? स्थानीय 12 गांवों में से 11 गांवों की राय और विवाद के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय के समापन समारोह में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने भारत के वैश्विक नेतृत्व, हिन्दू समाज के संगठन और राष्ट्र निर्माण पर विचार रखे। प्रमुख अतिथि कुमार मंगलम बिड़ला ने आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा देने का आह्वान किया।
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत ने महानगरों के होटल और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानिए अग्नि सुरक्षा में लापरवाही, भ्रष्टाचार, फायर एनओसी की अनदेखी और भविष्य के समाधान पर विस्तृत विश्लेषण।
हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष पूर्ण होने पर महाराणा प्रताप की विजय, शौर्य और स्वाभिमान से जुड़े ऐतिहासिक प्रमाणों का विश्लेषण। जानिए प्रशस्तियों, शिलालेखों और समकालीन स्रोतों में वर्णित हल्दीघाटी युद्ध की गाथा।
हम्पी के विरुपाक्ष मंदिर की अद्भुत स्थापत्य कला, विशाल गोपुरम, प्राचीन बाजार, पिनहोल कैमरा तकनीक, पुष्करणी और विजयनगर साम्राज्य की गौरवशाली विरासत का विस्तृत यात्रा-वृत्तांत।
ओड़िशा की प्रसिद्ध लोकनाट्य परंपरा ‘धनुजात्रा’ में पूरा गाँव या शहर रंगमंच बन जाता है। कृष्ण-कथा पर आधारित इस अनूठे महानाटक में कंस की प्रजा-वत्सल छवि, लोक-संस्कृति, जनभागीदारी और भारतीय रंगमंच की अद्भुत परंपरा का विस्तृत परिचय।
परमा एकादशी 2026 का धार्मिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व जानिए। अधिक मास में आने वाली इस विशेष एकादशी की कथा, व्रत विधि, पुराणों में वर्णित माहात्म्य तथा भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के उपाय पढ़ें।
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के आरोप, एसआईटी जांच, मंदिर प्रबंधन पर उठे सवाल और राम मंदिर से जुड़े लगातार विवादों का विश्लेषण।
हिंदी पत्रकारिता और साहित्य के पुरोधा पंडित माधवराव सप्रे की जयंती पर विशेष आलेख। जानिए कैसे उन्होंने वर्ष 1900 में ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ की स्थापना कर छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता की नींव रखी, ‘हिंदी केसरी’ का प्रकाशन किया, लोकमान्य तिलक के ग्रंथों का हिंदी अनुवाद किया और राष्ट्रीय चेतना के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
क्या अल नीनो भारत के लिए खतरे की घंटी है? जानिए अल नीनो का मानसून, कृषि, महंगाई, जल संकट, ऊर्जा क्षेत्र और भारतीय अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव तथा इससे निपटने की भारत की तैयारी। अल नीनो भारत की अर्थव्यवस्था
