बालोद जिले के तुएगोंडी-पाटेश्वर धाम विवाद की जमीनी पड़ताल। क्या यह वास्तव में आदिवासी आंदोलन है या बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप? स्थानीय 12 गांवों में से 11 गांवों की राय और विवाद के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय के समापन समारोह में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने भारत के वैश्विक नेतृत्व, हिन्दू समाज के संगठन और राष्ट्र निर्माण पर विचार रखे। प्रमुख अतिथि कुमार मंगलम बिड़ला ने आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा देने का आह्वान किया।
लखनऊ, सूरत और दिल्ली के कोचिंग सेंटर अग्निकांडों के संदर्भ में प्रशासनिक लापरवाही, अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी और विद्यार्थियों की मौतों पर आधारित एक तीखा विश्लेषणात्मक आलेख।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर आधारित यह आलेख उनके राष्ट्रवादी चिंतन, जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए किए गए संघर्ष, धारा 370 के विरोध और रहस्यमय मृत्यु से जुड़े अनुत्तरित प्रश्नों पर प्रकाश डालता है।
हम्पी के विरुपाक्ष मंदिर की अद्भुत स्थापत्य कला, विशाल गोपुरम, प्राचीन बाजार, पिनहोल कैमरा तकनीक, पुष्करणी और विजयनगर साम्राज्य की गौरवशाली विरासत का विस्तृत यात्रा-वृत्तांत।
ओड़िशा की प्रसिद्ध लोकनाट्य परंपरा ‘धनुजात्रा’ में पूरा गाँव या शहर रंगमंच बन जाता है। कृष्ण-कथा पर आधारित इस अनूठे महानाटक में कंस की प्रजा-वत्सल छवि, लोक-संस्कृति, जनभागीदारी और भारतीय रंगमंच की अद्भुत परंपरा का विस्तृत परिचय।
विश्व योग दिवस और विश्व संगीत दिवस के अवसर पर जानिए ऋषि परंपरा में योग और संगीत के गहरे संबंध को। नाद ब्रह्म, सामवेद, ओंकार, नादयोग और भारतीय आध्यात्मिक साधना के माध्यम से दोनों के अद्वैत स्वरूप का विश्लेषण।
जी-7 शिखर सम्मेलन 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात ने भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा दी। व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हिंद-प्रशांत सुरक्षा और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका इस बैठक के प्रमुख केंद्र रहे।
हिंदी पत्रकारिता और साहित्य के पुरोधा पंडित माधवराव सप्रे की जयंती पर विशेष आलेख। जानिए कैसे उन्होंने वर्ष 1900 में ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ की स्थापना कर छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता की नींव रखी, ‘हिंदी केसरी’ का प्रकाशन किया, लोकमान्य तिलक के ग्रंथों का हिंदी अनुवाद किया और राष्ट्रीय चेतना के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड ने एक बार फिर देश में छात्रों की सुरक्षा, कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही और प्रतियोगी परीक्षाओं की अंधी दौड़ पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। यह आलेख ऐसे हादसों से सबक लेने और प्रभावी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर केंद्रित है। पढिए स्वराज्य करुण जी का गंभीर आलेख्………
