ग्राम तुरमा, भाटापारा में लोकमाता राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में शिवरतन शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने उनके आदर्शों और समाज सेवा के योगदान को याद किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय के समापन समारोह में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने भारत के वैश्विक नेतृत्व, हिन्दू समाज के संगठन और राष्ट्र निर्माण पर विचार रखे। प्रमुख अतिथि कुमार मंगलम बिड़ला ने आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा देने का आह्वान किया।
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत ने महानगरों के होटल और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानिए अग्नि सुरक्षा में लापरवाही, भ्रष्टाचार, फायर एनओसी की अनदेखी और भविष्य के समाधान पर विस्तृत विश्लेषण।
6 जून 1674 को रायगढ़ में छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक केवल एक राजा का राजतिलक नहीं था, बल्कि हिन्दू राजनीतिक पुनर्जागरण, स्वाभिमान और हिन्दवी स्वराज्य की ऐतिहासिक घोषणा थी। जानिए इस स्वर्णिम घटना के सांस्कृतिक, राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव।
छत्तीसगढ़ सरकार ने मैनपाट में अटल विहार योजना हेतु 4.80 हेक्टेयर भूमि आवंटित की। आधुनिक वेलनेस, पर्यटन और आवासीय सुविधाओं से क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
ओड़िशा की प्रसिद्ध लोकनाट्य परंपरा ‘धनुजात्रा’ में पूरा गाँव या शहर रंगमंच बन जाता है। कृष्ण-कथा पर आधारित इस अनूठे महानाटक में कंस की प्रजा-वत्सल छवि, लोक-संस्कृति, जनभागीदारी और भारतीय रंगमंच की अद्भुत परंपरा का विस्तृत परिचय।
31 मई 1893 को स्वामी विवेकानंद ने मुंबई से शिकागो की ऐतिहासिक यात्रा प्रारंभ की। जानिए कैसे इस यात्रा ने भारत की आध्यात्मिक चेतना, आत्मगौरव और सनातन संस्कृति को विश्व मंच पर प्रतिष्ठित किया।
विश्व पर्यावरण दिवस के संदर्भ में पर्यावरण संकट, जंगलों की कटाई, प्लास्टिक प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और मानव की बढ़ती उदासीनता पर केंद्रित यह विचारोत्तेजक आलेख प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए सामूहिक जनभागीदारी का आह्वान करता है।
छत्तीसगढ़ी लोककवि और गायक लक्ष्मण मस्तुरिया की रचनात्मक यात्रा, उनकी लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी एवं हिन्दी कविताएँ, सामाजिक सरोकार, जनचेतना और साहित्यिक योगदान पर आधारित विशेष लेख।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व, प्रवक्ताओं, समर्थकों और वैचारिक पृष्ठभूमि पर उठते सवालों का विश्लेषण। क्या यह युवाओं का वास्तविक आंदोलन है या वामपंथी एवं विवादित विचारधाराओं को नया राजनीतिक मंच देने का प्रयास?
