चोला माटी के हो राम, माटी के गीत गाने वाला, माटी का लाल, माटी में समा गया
जीवन भर माटी-महतारी की महिमा का बखान करने वाला माटी का लाल यह प्रतिभावान कवि छत्तीसगढ़ की माटी में समा गया।
Read Moreजीवन भर माटी-महतारी की महिमा का बखान करने वाला माटी का लाल यह प्रतिभावान कवि छत्तीसगढ़ की माटी में समा गया।
Read Moreइनमें से एक पुस्तक ’असमवासी छत्तीसगढ़िया’ के लेखक रायपुर के श्री अशोक तिवारी और दुर्ग के श्री संजीव तिवारी तथा दूसरी पुस्तक ’छत्तीसगढ़ 2018’ के लेखक श्री शिव अनुराग पटेरिया हैं।
Read Moreएक मासुम बच्चे से शुरू हुई यह संघर्ष यात्रा दारूण कथा बन गई मात्र विधाता द्वारा रचित एक अनगढ़ कृति बनने पर, जिस पर की किसी का सर्वथा कोई वश नहीं।
Read Moreरतियावन की चेली अपनी तमाम मुश्किलों और परेशानियों के बावजूद समाज के लोगों के लिए हर समय अच्छा ही सोचती है उसके मन से सदा उनके लिए दुआएं और आशीर्वाद ही निकलता है
Read Moreवह समझ नहीं पाती है कि मोहल्ले की महिलाएं विभिन्न अवसरों पर उसे नए कपड़े, चूड़ी पाटला आदि क्यों देती हैं। रतियावन नाम की किन्नर उसकी वास्तविकता से अवगत कराती है।
Read Moreभाषा की अन्य विधाओं की तरह कविता भी जगत को समझने का एक शक्तिशाली उपक्रम हैं, गद्य की अपेक्षा काव्य
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