प्रतिभा का विज्ञापन लघुकथा
उसी में सब्जी वाले की लड़की, कुली का बेटा, कुल्फी वाले की भतीजी, चूड़ी वाले की बेटी, बर्तन मांजने वाली का बेटा ये सारे विशेषण उन प्रतिभाओं के साथ लगा कर पेश किए जाते हैं।
Read Moreउसी में सब्जी वाले की लड़की, कुली का बेटा, कुल्फी वाले की भतीजी, चूड़ी वाले की बेटी, बर्तन मांजने वाली का बेटा ये सारे विशेषण उन प्रतिभाओं के साथ लगा कर पेश किए जाते हैं।
Read Moreगोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स में स्थान पाए इस काव्य संग्रह के लिए डॉ शुभदा पाण्डेय बधाई के पात्र हैं। यह काव्य संग्रह इसलिए अनूठा है कि इसमें विश्व के कोने-कोने के एक सौ ग्यारह पक्षियों के चित्र सहित चित्रात्मक वर्णन और साथ ही अनेक सामाजिक समस्याओं का उल्लेख है।
Read Moreजन्मदिन मनाने का प्रचलन बहुत बढ़ा है। शहर, स्कूल, गांव, कस्बा कोई जगह नहीं बची है। जहां हैपी बर्थडे न हो रहा हो। इस सामाजिक जागरूकता की दुहाई देनी पड़ेगी। एक बात और है इसने समाज में भी एकता प्रदान की है। हर वर्ग, धर्म, जाति, भाषा, आय के लोग इसमें शामिल हैं।
Read Moreडॉ . बलदेव साव, जिन्होंने न केवल छत्तीसगढ़ी में बल्कि हिंदी और असमिया भाषा में भी अपनी लेखनी से अनेक प्रयास किए हैं, जो उनके भाषा प्रेमी होने का उत्कृष्ट उदाहरण है।
Read More27 मई डाँ. बलदेव जी की 82 वीं जयंती के अवसर पर कविता डा. बलदेव की कविता “अंधेरे में” की
Read Moreबुद्ध प्रसन्न होंगे ——
निर्मल सरोवरों में अधडूबे, हंसों की तैराहट पर, जिसमें खेलती हो मछलियां, निर्द्वंद, निर्विरोध, निर्विवाद, बुद्ध प्रसन्न होंगे –नदियों की निर्मलता से, उनके जर्जर, कर्कग्रस्त शरीर से मुक्त होने पर, जिन्हें हम केवल अपने स्वार्थ के लिए, साधते जा रहे हैं। बालुओं का होता शहरीकरण. ग अपहरण है नदियों का