शहरों में पेयजल आपूर्ति, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सख्त
रायपुर, 20 अप्रैल 2026। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा करते हुए पेयजल आपूर्ति, अवैध प्लॉटिंग तथा अवैध निर्माण जैसे मुद्दों पर कड़ी नाराजगी जताई। रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में दिनभर चली मैराथन बैठक में उन्होंने अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित और स्थायी समाधान के लिए स्पष्ट निर्देश दिए।
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय, सभी नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता तथा विभाग के पांचों संभागीय क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने धमतरी की पेयजल योजना में देरी पर गंभीर नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने तथा ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों में पेयजल की समस्या को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। निकायों को केवल बजट खर्च करने के बजाय समस्याओं का स्थायी समाधान करना होगा। पेयजल व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निकाय अपने-अपने शहरों की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। नगर निगमों को ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे नगर पालिकाएं प्रेरित हों और नगर पालिकाएं ऐसा काम करें जिससे नगर पंचायतें मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। उन्होंने अभियंताओं से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और सभी कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया।
अरुण साव ने आगामी 31 मई तक सभी नगर निगमों में बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि वर्षा ऋतु में जलभराव की समस्या से नागरिकों को राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम नगर निगमों में साफ-सफाई एवं ड्रेनेज कार्यों का भौतिक निरीक्षण करेगी। यदि कार्य संतोषजनक नहीं पाए गए तो संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियरों पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अपूर्ण आवासों को सितंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश देते हुए उन्होंने अप्रारंभ आवासों का निर्माण एक माह के भीतर प्रारंभ करने को कहा। मार्च 2026 में स्वीकृत आवासों का कार्य वर्षा ऋतु से पहले शुरू करने पर भी जोर दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत निर्धारित 18 माह की अवधि में निर्माण पूरा करने वाले हितग्राहियों के प्रस्ताव शीघ्र विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि उन्हें मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत 32 हजार 850 रुपए की अतिरिक्त सहायता मिल सके।
उन्होंने पीएम स्वनिधि योजना के तहत अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण उपलब्ध कराने के लिए बैंकों से समन्वय करने को कहा। शहरों में भूजल स्तर सुधारने के लिए डीएमएफ, सीएसआर और जनसहयोग से अधिक संख्या में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं बनाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधायुक्त बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा नई कार्यपद्धति अपनाने पर बल दिया।
बैठक में उप सचिव भागवत जायसवाल, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य तथा मुख्य अभियंता राजेश शर्मा भी उपस्थित रहे।
इन योजनाओं एवं कार्यों की हुई समीक्षा
दो सत्रों में आयोजित बैठकों में नगरीय निकायों की राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास, 15वें वित्त आयोग के कार्य, नालंदा परिसर, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाएं, आपदा प्रबंधन, गोधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (iGOT) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री 21 अप्रैल को नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।
