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लोहा शत्रुओं ने माना और मृत्यु पर आंसू बहाए ऐसे थे महाराणा प्रताप

भगवान रामचंद्र के के वंश में अंतिम राजा सुमित्र का उल्लेख है जिसके साथ गोहिल और वंश का संबंध है। कनक सेन ने अयोध्या का राज्य छोड़कर सौराष्ट्र में सूर्य वंश की स्थापना की थी तथा इसकी राजधानी वल्लभी में थी।

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इतिहास के आइने में बेलसंड-सीतामढ़ी

सीतामढ़ी का महत्व रामायण की कथा के अनुसार सही ढंग से समझा जा सकता है। राजा जनक सीतामढ़ी के पुनौरा और उर्विजा कुंड क्षेत्र में अनावृष्टि को रोकने हेतु हल चलाने, कृषि कर्म का उद्घाटन करने आये थे। इसी-के दौरान सीता जी प्राप्त हुई। इसी क्षेत्र में हलेश्वर स्थान मंडल है, जहाँ कृषि कर्म के उपरान्त हल रखा गया था। सीता जी की स्मृति से ही जुड़ा एक स्थान पंथपाकड़ है, जहाँ पर विवाह उपरान्त आयोध्या जाते हुये सीता जी की डोली रखी गयी थी,

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