धान से गेंदा तक: रायगढ़ के आनंदराम सिदार ने बदली खेती की दिशा, लाखों की आय से बने मिसाल
रायपुर, 2 मई 2026। छत्तीसगढ़ में खेती की तस्वीर तेजी से बदल रही है। अब किसान पारंपरिक धान की खेती तक सीमित नहीं रहकर उद्यानिकी फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। गेंदा, गुलाब जैसे फूलों की वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। सरकारी योजनाओं और उद्यानिकी विभाग के तकनीकी सहयोग ने इस बदलाव को गति दी है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है।
रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम कोड़केल के किसान आनंदराम सिदार इस बदलाव का सशक्त उदाहरण बनकर उभरे हैं। पहले वे परंपरागत धान की खेती पर निर्भर थे, जिसमें मेहनत अधिक और लाभ सीमित था। धान की खेती से उन्हें लगभग 10 क्विंटल उत्पादन पर कुल 31 हजार रुपये की आय होती थी, जिसमें लागत निकालने के बाद करीब 22 हजार रुपये का ही शुद्ध लाभ बचता था।
समय के साथ उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन की “गेंदा क्षेत्र विस्तार योजना” का लाभ लिया और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में 0.400 हेक्टेयर भूमि पर गेंदा फूल की खेती शुरू की। विभाग द्वारा उन्हें उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, कीट नियंत्रण और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
वर्ष 2025-26 में इस प्रयास का परिणाम बेहद उत्साहजनक रहा। आनंदराम ने लगभग 44 क्विंटल गेंदा फूल का उत्पादन किया और बाजार में बेचकर 3 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित की। धान की तुलना में यह कई गुना अधिक लाभकारी साबित हुआ। कम समय में बेहतर उत्पादन और अच्छा बाजार मूल्य मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया।
आनंदराम की सफलता ने पूरे क्षेत्र के किसानों को प्रेरित किया है। अब लैलूंगा सहित आसपास के गांवों में किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ फूलों और अन्य नगदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। उनका कहना है कि शुरुआत में यह कदम जोखिम भरा लगा, लेकिन विभाग के मार्गदर्शन और सही समय पर देखरेख ने उन्हें आत्मनिर्भर बना दिया।
उद्यानिकी विभाग की सक्रिय पहल से रायगढ़ जिले में फूलों की खेती एक टिकाऊ और लाभकारी व्यवसाय के रूप में उभर रही है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत किसानों को लगातार प्रशिक्षण, अनुदान और तकनीकी सहायता दी जा रही है, जिससे वे वैज्ञानिक खेती अपनाकर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। यह परिवर्तन न केवल किसानों की आय बढ़ा रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान कर रहा है।
