कांकेर

futuredछत्तीसगढताजा खबरें

बस्तर में माओवाद का नेटवर्क अंतिम चरण में, सुरक्षा बलों ने दी सख्त चेतावनी

बस्तर में माओवादी नेटवर्क तेजी से कमजोर हुआ है और कई बड़े कमांडरों के आत्मसमर्पण के बाद अब गिने-चुने कैडर ही सक्रिय बचे हैं। बस्तर आईजी ने शेष माओवादियों को मुख्यधारा में लौटने का अंतिम मौका देते हुए चेतावनी दी है कि अब सुरक्षा बलों की कार्रवाई और तेज होगी।

Read More
futuredछत्तीसगढताजा खबरें

रायपुर: 140 पूर्व नक्सलियों ने मुख्यमंत्री से मिलकर मुख्यधारा में लौटने का जताया विश्वास

छत्तीसगढ़ में 140 पूर्व नक्सलियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर मुख्यधारा में लौटने की खुशी जताई। उन्होंने बताया कि अब उनका जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक हो गया है, जबकि सरकार पुनर्वास और रोजगार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

Read More
futuredछत्तीसगढताजा खबरें

बस्तर में बड़ी सफलता: 21 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, आईजी सुंदरराज बोले – “अब या तो आत्मसमर्पण करें या सामना करें”

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है, जहाँ 21 नक्सलियों — जिनमें 13 महिलाएँ शामिल हैं — ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आईजी पी. सुंदरराज ने कहा कि नक्सलियों के पास अब सिर्फ दो विकल्प हैं: आत्मसमर्पण या मुकाबला। मुख्यमंत्री विश्वदेव साई ने इसे सरकार की ‘पुना मर्गेम’ और ‘पुनर्वास नीति’ की सफलता बताया, वहीं सीआरपीएफ ने एंटी-नक्सल ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाने वाले के-9 डॉग ‘इगो’ को सैन्य सम्मान के साथ विदाई दी।

Read More
futuredछत्तीसगढताजा खबरें

छत्तीसगढ़: स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने पर माओवादी हिंसा, युवक की हत्या

छत्तीसगढ़ के कांकेर ज़िले में माओवादियों ने एक युवक की हत्या कर दी, जिसने स्वतंत्रता दिवस पर माओवादी स्मारक पर तिरंगा फहराया था। मृतक मनीष नुरेटी को ‘जन अदालत’ में सजा सुनाकर मार डाला गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस और खुफिया एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं।

Read More
futuredछत्तीसगढ

मुख्यमंत्री ने संबलपुर में किया मांदरी महोत्सव का समापन, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पेड़ लगाने की अपील

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कांकेर जिले के संबलपुर हाई स्कूल कराठी में आयोजित दो दिवसीय बुढालपेन करसाड़ एवं मांदरी महोत्सव 2025 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह महोत्सव क्षेत्र की पारंपरिक आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

Read More