futuredछत्तीसगढ

देवखोल जंगल में अवैध कोयला उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई, 6 टन से अधिक कोयला जब्त, सुरंगें ध्वस्त

रायपुर, 18 अप्रैल 2026। कोरिया जिले के पटना तहसील अंतर्गत देवखोल जंगल में अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने व्यापक कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में कोयला जब्त किया है। खनिज, वन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार सुबह से सघन अभियान चलाकर अवैध रूप से संचालित सुरंगों को ध्वस्त किया और मौके से करीब 150 बोरी अर्थात 6 टन 61 किलो अवैध कोयला बरामद किया।

सुरंगों में प्रवेश कर की गई कार्रवाई, उपकरण भी जब्त

जिले में गठित टास्क फोर्स के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में एसडीएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने सुरंगों के भीतर प्रवेश कर कार्रवाई की और कोयले के साथ-साथ फावड़ा, गेती, विद्युत पंप, फुटबॉल पाइप तथा बड़ी मात्रा में बिजली के तार भी जब्त किए। जब्त सामग्री से यह स्पष्ट होता है कि अवैध उत्खनन सुनियोजित और संगठित तरीके से किया जा रहा था।

कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज

इस प्रकरण में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 की धारा 71 तथा खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के तहत मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें  अक्षय तृतीया का धार्मिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व : भगवान परशुराम अवतरण दिवस

पहले भी बंद की गई थीं खदानें, फिर सक्रिय हुई गतिविधियां

वन विभाग के अनुसार देवखोल क्षेत्र में पूर्व में भी अवैध खदानों को ब्लास्ट कर बंद किया गया था। एसईसीएल के माध्यम से सुरंगों को सील करने की कार्रवाई लगातार की जा रही है, लेकिन कुछ लोग इन्हें दोबारा खोलने का प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में पटना पुलिस द्वारा भी 3 टन 200 किलो अवैध कोयला जब्त कर बीएनएस की धारा 106 के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

प्रशासन की सख्ती, लगातार निगरानी

जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध कोयला उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। वनमंडलाधिकारी ने भी कहा कि ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए नियमित अभियान जारी रहेगा और आगे और अधिक सख्ती बरती जाएगी।

ग्रामीणों के लिए वैकल्पिक आजीविका पर जोर

प्रशासन ने कहा है कि क्षेत्र में ग्रामीणों को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे अवैध गतिविधियों से दूर रह सकें। वी-बीजी रामजी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) के तहत स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत मुरमा एवं आसपास के क्षेत्रों में 20.07 लाख रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें भूमि समतलीकरण, डबरी निर्माण और तालाब गहरीकरण जैसे कार्य शामिल हैं।

यह भी पढ़ें  छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 को विभिन्न समाजों का समर्थन, सामाजिक संतुलन और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

इसके अतिरिक्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 54 लाख रुपये के 30 विकास कार्य प्रस्तावित हैं, जिन्हें मांग के आधार पर क्रियान्वित किया जाएगा।

कलेक्टर के निर्देश, जोखिमपूर्ण कार्य से दूर रहने की अपील

जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जोखिमपूर्ण और अवैध गतिविधियों से दूर रहें तथा शासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे रोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों का लाभ उठाएं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को स्व-रोजगार और कौशल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर स्थायी आजीविका के अवसर सृजित किए जा सकें।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।