आईटी के जरिए तेज़ होगी योजनाओं की डिलीवरी, नागरिकों तक पहुंचेगा त्वरित लाभ : मुख्य सचिव विकासशील
राज्य में सरकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक तेजी से पहुंचाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में मंत्रालय महानदी भवन में उभरती आईटी तकनीकों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य सचिव श्री विकासशील ने अधिकारियों को डिजिटल माध्यमों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ लोगों तक समय पर और सरल तरीके से पहुंचे, इसके लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग अनिवार्य है। उन्होंने मोबाइल ऐप, वेबसाइट और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म को नागरिकों के लिए सहज और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच मजबूत कड़ी है। यदि इसका सही उपयोग किया जाए तो योजनाओं की पहुंच और पारदर्शिता दोनों में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के अधिकारियों से लगातार नई तकनीकों से अपडेट रहने का आह्वान किया, ताकि सरकारी सेवाओं को और अधिक तेज़ व प्रभावी बनाया जा सके।
कार्यशाला में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने राज्य और जिला स्तर पर उपलब्ध आईटी संसाधनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से उनकी जरूरतों और चुनौतियों के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान नई दिल्ली स्थित एनआईसी मुख्यालय के डीडीजी श्री दयानंद साहा ने कहा कि आधुनिक सूचना तकनीकों के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से नागरिकों तक पहुंचाया जा सकता है।
कार्यशाला में आईटी विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को नई तकनीकों, डिजिटल सेवाओं और साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। वहीं, ट्रिपल आईटी के कुलपति प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और उसके संभावित लाभों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
एनआईसी छत्तीसगढ़ के अधिकारियों सहित विभिन्न जिलों से आए सूचना विज्ञान अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कार्यशाला में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और नागरिक सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

