मनुष्य की जिम्मेदारी प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण
पर्यावरण अर्थात चारों ओर का आवरण अर्थात धरती के चारों ओर फैला प्राकृतिक परिवेश। प्रकृति में उपस्थित प्रत्येक तत्व इसका
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Read Moreआज धरती संकट में है, धरती के साथ सभी प्राणी जगत संकट में है। अंधाधूंध जंगल कटाई ने धरती के
Read Moreअभी की बेला, संधि बेला की चल रही है, दो युगों की मिलन होने जा रहा है। कलयुग का अंत
Read More‘रूप’ शब्द का प्रयोग मूर्ति के अर्थ में मध्यकाल में मिलता है क्योंकि सूत्रधार मंडन ने 1450 ईस्वी में ‘रूपमंडन’ और सूत्रधार नाथा ने 1480 में “रूपाधिकार” नाम से मूर्तिकला पर ग्रंथ रचे। (वास्तुमंजरी : नाथाकृत, संपादक श्रीकृष्ण जुगनू) हालांकि अष्टाध्यायी में पाणिनि ने रूप शब्द का प्रयोग बताया है ( 5, 2, 120) तथा उससे बने ‘रूप्य’ शब्द का अभिप्राय ‘सुंदर’ एवं ‘आहत’ यानी मुहर युक्त बताया है।
Read Moreकार्यक्रम के मुख्य वक्ता मध्य क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना ने कहा कि हिंदू समाज जाग गया है, जिसके कारण समाज में परिवर्तन आ रहे हैं, देश अपने पैरों पर खड़ा हो रहा है और अंदरूनी देश विरोधी शत्रु बेनकाब हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज समाज में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन आ रहा है कि अंदरूनी देश विरोधी शत्रु बेनकाब हो रहे हैं। ऐसे लोग अब अर्बन नक्सल या टुकड़े-टुकड़े गैंग के नाम से पहचाने जा रहे हैं।
Read Moreभारत की अठारहवीं लोकसभा के गठन के लिये आज मतदान प्रक्रिया पूरी हो गई। इसके साथ विभिन्न एजेन्सियों का पूर्वानुमान
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