लोक संस्कृति, शोध और साहित्य के सेतु: डॉ. देवधर महंत
छत्तीसगढ़ी और हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित रचनाकार डॉ. देवधर महंत 23 अप्रैल को 70वां जन्मदिवस मना रहे हैं। ‘अरपा नदिया’ सहित अनेक कालजयी कृतियों से उन्होंने साहित्य को समृद्ध किया।
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Read Moreडॉ. अखिलेश शर्मा के प्रथम काव्य संग्रह ‘शब्द शाश्वत हैं’ की विस्तृत समीक्षा, जिसमें शब्दों की शक्ति, सामाजिक संवेदना, युद्ध की पीड़ा और मानवीय मूल्यों का गहन साहित्यिक विश्लेषण प्रस्तुत है।
Read More“माणिक्य देवी : बस्तर में एक शक्तिपीठ” पुस्तक की समीक्षात्मक प्रस्तुति, जिसमें बस्तर के इतिहास, चक्रकोट राज्य, शिलालेखों, मंदिर स्थापत्य, छिंदक नागवंश तथा दंतेश्वरी परंपरा के प्रमाणिक अध्ययन का विश्लेषण किया गया है।
Read More“बस्तर विरासत – बारसूर : चक्रकोट की राजधानी” पुस्तक की समीक्षा, जिसमें बस्तर के प्राचीन इतिहास, मंदिर स्थापत्य, शिलालेखों, छिंदक नागवंश तथा सांस्कृतिक धरोहर का तथ्यात्मक परिचय प्रस्तुत किया गया है।
Read More‘जनरल बोगी: ए ट्रेवल लव स्टोरी’ उपन्यास की समीक्षा में भारतीय रेल की जनरल बोगी की वास्तविक कठिनाइयों, यात्रियों के अनुभवों, राजस्थान यात्रा, इतिहास और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया गया है।
Read Moreराष्ट्रीय चेतना के कवि माखनलाल चतुर्वेदी की प्रेरक कविताएँ और स्वतंत्रता आंदोलन में साहित्य की भूमिका पर विस्तृत आलेख। पुष्प की अभिलाषा, कैदी और कोकिला जैसी अमर रचनाओं के साथ उनका जीवन और राष्ट्रभक्ति का संघर्ष जानें।
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