राष्ट्रसेवा और संघर्ष के सच्चे साधक डॉ. इन्द्रेश : काव्य गाथा
डॉ. इन्द्रेश कुमार (RSS): राष्ट्रभाव, संगठन, सेवा, संवाद और समरसता के भावों से ओतप्रोत: कविता
Read Moreडॉ. इन्द्रेश कुमार (RSS): राष्ट्रभाव, संगठन, सेवा, संवाद और समरसता के भावों से ओतप्रोत: कविता
Read Moreमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन और कार्यों पर आधारित एक भावात्मक काव्यात्मक कविता जो नारी शक्ति, धर्मपालन, सेवा और राष्ट्रनिर्माण की भावना से ओतप्रोत है ।
Read Moreनारद जयंती के दिन आया उदन्त मार्तण्ड यानी उगता हुआ सूरज वह नारद जयंती का दिन था। हम भारतीय लोग अपने पौराणिक आख्यानों के अनुसार देवर्षि नारद को दुनिया का पहला पत्रकार मानते हैं,
Read Moreहिंदी और छत्तीसगढ़ी में अब तक डा. बलदेव की 15 कृतियाँ प्रकाशित होकर चर्चित हुई हैं लेकिन डा.बलदेव की बहुत कुछ रचनाएं और पांडुलिपियां अभी भी प्रकाशन की बाट जोह रही हैं ।
Read Moreकविता -संग्रह, कहानी -संग्रह, उपन्यास आदि साहित्यिक कृतियाँ बहुत छप रही हैं, लेकिन पढ़ने वालों की संख्या कम होती जा रही है। अन्य देशों का तो नहीं मालूम लेकिन हमारे देश में अपने आस-पास नज़र दौड़ाएँ तो आम तौर पर ऐसा ही माहौल मिलेगा।
Read Moreग्रंथ मानव सभ्यता की बौद्धिक और सांस्कृतिक यात्रा की अमूल्य धरोहर हैं। जब मनुष्य ने अपनी भावनाओं, विचारों और ज्ञान को संरक्षित करने की आवश्यकता महसूस की, तब श्रुति से स्मृति के रुप में लेखन कला का विकास हुआ।
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