पंडित रामदयाल तिवारी: छत्तीसगढ़ के भूले-बिसरे साहित्यिक नायक
पंडित रामदयाल तिवारी छत्तीसगढ़ के एक ऐसे साहित्यकार थे, जिनका लेखन जनजीवन, संस्कृति और आत्मसंघर्ष की जीवंत झलक देता है। यह आलेख उनके व्यक्तित्व, विचार और विरासत को सामने लाता है।
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Read Moreओड़िया और संस्कृत साहित्य के समर्पित साधक गंगाधर गुरू का मानना है कि साहित्य कभी निष्पक्ष नहीं होता, वह केवल मानवता का पक्षधर होता है। प्रस्तुत है साहित्य, संस्कृति, धर्म और राष्ट्रभाषा पर आधारित उनकी गहन अंतर्दृष्टियों से भरी बातचीत।
Read Moreवरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मीनारायण पयोधि को उनकी साहित्यिक उपलब्धियों और जनजातीय विषयों पर सृजनशील योगदान के लिए भोपाल में ‘जगदीश गुरु साहित्यकार सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
Read Moreराजधानी रायपुर के वृंदावन सभागार में 19 जुलाई 2025 को आयोजित साहित्यिक समारोह में कवि राजेश जैन ‘राही’ की 15वीं पुस्तक ‘प्रीत मिलेगी राह में’ का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि और संगीतज्ञ उपस्थित रहे।
Read Moreडॉ. शुभदा पांडेय की पुस्तक “पन्नाई: यादों का कल्पतरु भूटान” भूटान की प्रकृति, संस्कृति और जीवन-दर्शन का आत्मीय व सजीव चित्र प्रस्तुत करती है। यह यात्रा-वृत्तांत पर्यावरण, स्त्री-सशक्तिकरण और आध्यात्मिक संतुलन का संदेश देता है।
Read Moreस्वराज्य करुण के काव्य संग्रह ‘मेरे दिल की बात’ में प्रकृति, प्रेम और सामाजिक विसंगतियों पर आधारित कविताएं हैं, जो जनमानस की भावनाओं को गहराई से छूती हैं। यह संग्रह संवेदनशीलता, सरलता और समरसता का सुंदर संयोग प्रस्तुत करता है।
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