बिलासपुर ने रचा कीर्तिमान, 50 हजार से ज्यादा परिवारों को मिला पक्का घर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए 50 हजार से अधिक परिवारों के ‘अपना घर’ के सपने को साकार कर दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) समेत अन्य आवास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से हजारों जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई राह मिली है।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर सामने आई इस उपलब्धि के तहत जिले में कुल 50,044 ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए हैं। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता देते हुए करीब 781 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी।
विकासखंड स्तर पर देखें तो मस्तूरी ने सबसे अधिक 14,973 आवासों के निर्माण के साथ पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद बिल्हा में 13,762, कोटा में 11,205 और तखतपुर में 10,104 आवास पूरे किए गए। ये आंकड़े जमीनी स्तर पर योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को दर्शाते हैं।
इस उपलब्धि में महिलाओं की भागीदारी भी खास रही। जिले में 113 महिलाओं को ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया, जबकि 331 महिलाएं ‘डीलर दीदी’ बनकर निर्माण सामग्री की आपूर्ति में जुटीं। इसके अलावा 2,231 महिलाओं को शटरिंग सामग्री उपलब्ध कराने के कार्य से जोड़ा गया, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला।
वर्ष 2016-17 से 2025-26 के बीच जिले में एक लाख से अधिक आवासों का निर्माण कर बिलासपुर ने राज्य में दूसरा स्थान भी प्राप्त किया है। इस सफलता के पीछे मजबूत योजना, लगातार निगरानी और जनसहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इस योजना से लाभान्वित कई परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। जो लोग पहले कच्चे मकानों में कठिन परिस्थितियों में रह रहे थे, वे अब पक्के घरों में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं।
जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि को गरीब परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव की दिशा में बड़ा कदम बताया है और भविष्य में भी सभी पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

