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नगर पंचायतों की समीक्षा: अरुण साव ने अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती, 31 मई तक करारोपण और नाला सफाई के निर्देश

रायपुर, 21 अप्रैल 2026। प्रदेशभर के नगरीय निकायों की समीक्षा का दौर दूसरे दिन भी जारी रहा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में दिनभर चली बैठक में सभी नगर पंचायतों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के कार्यों और व्यवस्थाओं में कसावट लाना आवश्यक है तथा काम में लापरवाही या कोताही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाबदेही तय कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अरुण साव ने अधिकारियों को नई सोच और नई कार्यपद्धति अपनाते हुए शहरों तथा नागरिकों के कल्याण के लिए काम करने को कहा। उन्होंने उभरते शहरों को सुव्यवस्थित, सुनियोजित, स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ ही नागरिकों के लिए पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने पांचों संभागों के विभागीय क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक तिमाही में सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों का व्यक्तिगत निरीक्षण कर संचालक को प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पाण्डेय उपस्थित थे।

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उप मुख्यमंत्री ने सभी CMO को आगामी 31 मई तक नगर पंचायतों की नई संपत्तियों पर करारोपण की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए संपत्ति कर, जल कर और यूजर चार्ज की वसूली को गंभीरता से लेने को कहा गया। उन्होंने एनर्जी ऑडिट कर अनावश्यक विद्युत कनेक्शनों की पहचान करते हुए उन्हें विच्छेदित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही निकायों के कर्मचारियों को प्रत्येक माह समय पर वेतन भुगतान तथा बिजली बिलों के नियमित भुगतान को सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए अरुण साव ने सभी भवनों में शत-प्रतिशत रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 31 मई तक बड़े नालों, नालियों और ड्रेनेज की सफाई पूर्ण करने तथा वर्षा ऋतु में जलभराव रोकने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यालय में निवास करते हुए प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर शहर की साफ-सफाई और विकास कार्यों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। भ्रमण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों को साथ रखने की भी बात कही गई। प्रातः निरीक्षण में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने नियमित रूप से मैदानी निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए उप मुख्यमंत्री ने बच्चों के लिए खेल मैदान और उद्यान हेतु भूमि चिन्हांकन करने को कहा। उन्होंने कुनकुरी और अंबागढ़-चौकी में निर्माणाधीन नालंदा परिसरों को इस वर्ष दिसंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। पेयजल व्यवस्था को दीर्घकालीन दृष्टि से मजबूत बनाने के लिए अगले दस वर्षों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए योजना बनाने को कहा गया। उन्होंने 15वें वित्त आयोग की राशि से पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए स्थायी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने वर्षा ऋतु से पूर्व सभी नालों, नालियों, ड्रेनेज और तालाबों की सफाई सुनिश्चित करने, पाइपलाइनों के लीकेज ठीक करने तथा प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि जरूरतमंद हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाना CMO की जिम्मेदारी है। उन्होंने आवास स्वीकृति के एक सप्ताह के भीतर भवन निर्माण अनुज्ञा जारी करने तथा हितग्राहियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान के साथ योजना की जानकारी देने को कहा।

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बैठक में आगामी 1 मई से प्रारंभ होने वाले सुशासन तिहार के अंतर्गत शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शहरवासियों को लाभान्वित करने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। बैठक में अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता राजेश शर्मा सहित नगर पंचायतों के अभियंता उपस्थित रहे।

इन योजनाओं और कार्यों की हुई समीक्षा

बैठक में नगर पंचायतों के राजस्व वसूली, विद्युत देयक भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास, 15वें वित्त आयोग के कार्य, नालंदा परिसर, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाएं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, I-GOT कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।