अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की तैयारी? ऐसे करें असली-नकली की पहचान, नहीं होगा नुकसान
अक्षय तृतीया के नजदीक आते ही देशभर में सोने की खरीदारी को लेकर उत्साह बढ़ने लगा है। इस शुभ अवसर पर लोग सोना खरीदना बेहद मंगलकारी मानते हैं, जिसके चलते बाजारों में भी भीड़ बढ़ने लगती है। हालांकि बढ़ती मांग के बीच ग्राहकों के लिए सतर्क रहना भी जरूरी है, ताकि वे नकली, गोल्ड प्लेटेड या कम शुद्धता वाले आभूषण खरीदने से बच सकें।
यदि आप इस अक्षय तृतीया सोना खरीदने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर असली और शुद्ध सोने की पहचान आसानी से कर सकते हैं।
खरीदते समय जरूर देखें ये 3 निशान
1. बीआईएस हॉलमार्क लोगो
सोने के गहनों पर सबसे पहले बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) का लोगो देखें। यह एक विशेष त्रिकोण आकार का निशान होता है, जो बताता है कि गहना प्रमाणित है। इसे सोने की शुद्धता का भरोसेमंद संकेत माना जाता है।
2. कैरेट और शुद्धता की जानकारी
गहनों पर कैरेट के साथ शुद्धता अंकित होती है। जैसे 22K916 का मतलब 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना, जबकि 18K750 का अर्थ 75 प्रतिशत शुद्धता है। हीरे या पत्थरों वाले आभूषणों में अक्सर 18 कैरेट सोना इस्तेमाल किया जाता है।
3. एचयूआईडी नंबर
यह सबसे अहम पहचान चिन्ह माना जाता है। छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड हर गहने पर दिया जाता है। इससे हर आभूषण की अलग पहचान होती है और इसे डिजिटल तरीके से भी जांचा जा सकता है।
BIS Care App से करें तुरंत जांच
ग्राहक सरकार समर्थित BIS Care App डाउनलोड कर गहनों की सच्चाई जान सकते हैं। ऐप में “Verify HUID” विकल्प पर जाकर कोड डालने पर ज्वेलर का नाम, हॉलमार्क सेंटर, प्रमाणन तिथि और शुद्धता की पूरी जानकारी सामने आ जाती है।
यदि ऐप में दिख रही जानकारी और दुकानदार के दावे में फर्क हो, तो सावधान हो जाएं।
कराट मीटर टेस्ट भी करवा सकते हैं
अधिकांश ज्वेलरी दुकानों में XRF मशीन या कराट मीटर उपलब्ध होता है, जो बिना नुकसान पहुंचाए धातु की जांच कर देता है। इसमें सोना, चांदी, तांबा जैसी धातुओं की मात्रा पता चल जाती है। ग्राहक चाहें तो बिलिंग से पहले यह टेस्ट अपने सामने करवाने का अधिकार रखते हैं।
चुंबक से भी कर सकते हैं आसान जांच
शुद्ध सोना चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होता। यदि गहना चुंबक से चिपक जाए, तो उसमें दूसरी धातुएं मिली हो सकती हैं। हालांकि यह केवल प्राथमिक जांच है।
बिल लेना बिल्कुल न भूलें
सोना खरीदते समय हमेशा पक्का बिल लें। बिल में HUID नंबर, वजन, कैरेट, उस दिन का गोल्ड रेट, मेकिंग चार्ज और जीएसटी का पूरा विवरण होना चाहिए। इससे भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में मदद मिलती है।
क्या है अक्षय तृतीया?
अक्षय तृतीया हिंदू और जैन धर्म में बेहद शुभ मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और विवाह, नया व्यापार, निवेश तथा सोना खरीदना विशेष शुभ माना जाता है।
अक्षय तृतीया 2026 कब है?
पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा। वहीं तृतीया तिथि 19 अप्रैल सुबह 10:49 बजे शुरू होकर 20 अप्रैल सुबह 7:27 बजे समाप्त होगी।
अक्षय तृतीया पर यदि आप सोना खरीदने जा रहे हैं, तो थोड़ी सतर्कता आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।

