आचार्य ललित मुनि

futuredहमारे नायक

औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध संगठित संघर्ष का प्रतीक बुधू भगत

वीर बुधू भगत के जीवन, कोल विद्रोह 1831–32 में उनकी भूमिका, आदिवासी अस्मिता और ब्रिटिश शोषण के विरुद्ध उनके संगठित संघर्ष की प्रेरक और शोधपरक कथा।

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futuredसमाज

विदेशी पर्वों से भारतीय समाज में खंडित होती मर्यादा और बढता सांस्कृतिक प्रदूषण

वेलेंटाइन डे के बढ़ते प्रभाव के बीच भारतीय संस्कृति में अपसंस्कृतिकरण, सांस्कृतिक प्रदूषण और नैतिक वर्जनाओं के क्षरण पर गहन विश्लेषण। परंपरा, परिवार और आधुनिकता के टकराव पर केंद्रित विशेष आलेख।

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futuredमनकही

रेडियो और लोकतंत्र की वापसी की वह गंवई शाम

ग्रामीण भारत में रेडियो सूचना और मनोरंजन का प्रमुख माध्यम था। इसी रेडियो ने 25 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा और 21 मार्च 1977 को उसके समाप्त होने की खबर सुनाई। एक ग्रामीण बालक की स्मृतियों में दर्ज उस दौर का भावनात्मक संस्मरण।

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futuredधर्म-अध्यात्महमारे नायक

वैदिक चेतना से सामाजिक क्रांति तक भारतीय पुनर्जागरण के अग्रदूत महर्षि दयानंद सरस्वती

महर्षि दयानंद सरस्वती ने उन्नीसवीं सदी में वेदों की ओर लौटने का आह्वान करते हुए सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वास और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध व्यापक आंदोलन चलाया। आर्य समाज की स्थापना और शिक्षा सुधार के माध्यम से उन्होंने भारतीय पुनर्जागरण को नई दिशा दी।

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futuredविश्व वार्ता

पश्चिमी विकास मॉडल के विकल्प के रूप में एकात्म मानववाद

पश्चिमी विकास मॉडल के विकल्प के रूप में पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित एकात्म मानववाद आज के समय में पर्यावरणीय संकट, सामाजिक असमानता और नैतिक क्षय के बीच एक समग्र व मानव-केंद्रित विकास दृष्टि प्रस्तुत करता है।

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futuredधर्म-अध्यात्म

सृजनशील भारत के लिए सतत् प्रेरणा भगवान विश्वकर्मा

विश्वकर्मा जयंती सृजन, श्रम और निर्माण की भारतीय परंपरा का प्रतीक है। यह आलेख सृजनशील भारत के लिए विश्वकर्मा दर्शन की प्रासंगिकता को विस्तार से प्रस्तुत करता है।

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