द्वेष-धर्म के विरुद्ध प्रेम-धर्म का कालजयी घोष हिन्द स्वराज : पुस्तक चर्चा
महात्मा गांधी की 117 वर्ष पुरानी पुस्तक ‘हिन्द स्वराज’ आज भी प्रेम, अहिंसा और आत्मबल का संदेश देती है। गणतंत्र-पूर्व भारत की वैचारिक यात्रा, ब्रिटिश शासन की आलोचना और समाज के लिए गांधी के दूरदर्शी विचारों को समझने हेतु यह लेख ‘हिन्द स्वराज’ तथा उसके पहले छत्तीसगढ़ी अनुवाद की ऐतिहासिक और वैचारिक महत्ता को रेखांकित करता है।
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