भारतीय संस्कृति में प्रकृति मानी जाती है जीवन का आधार
भारतीय संस्कृति प्रकृति को देवत्व का स्वरूप मानती है। वेद, पुराण, उपनिषद और महाकाव्यों में वन, उपवन, पशु और बीज को पवित्र बताया गया है।
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Read Moreआंवला नवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ आंवला वृक्ष की पूजा कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि आंवला वृक्ष भारतीय संस्कृति में औषधीय और आध्यात्मिक महत्व रखता है तथा वृक्षों का संरक्षण हर नागरिक का कर्तव्य है।
Read Moreवैदिक ऋषियों के श्लोकों में प्रकृति संरक्षण और ओजोन परत जैसी सुरक्षा अवधारणा का उल्लेख मिलता है। जानें कैसे प्राचीन वैदिक सूत्र आधुनिक पर्यावरण संतुलन से जुड़े हैं।
Read Moreहरियाली तीज का पर्व न केवल सुहागिनों के लिए आस्था और सौंदर्य का प्रतीक है, बल्कि यह प्रकृति, पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण का भी संदेश देता है। जानिए इस पर्व की सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक और पारिस्थितिक महत्ता।
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