पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका : पृथ्वी दिवस
पृथ्वी दिवस के महत्व, पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता और सतत विकास में भारत की भूमिका पर आधारित विस्तृत आलेख। जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, जैवविविधता और वृक्षारोपण के महत्व को सरल भाषा में समझें।
Read Moreपृथ्वी दिवस के महत्व, पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता और सतत विकास में भारत की भूमिका पर आधारित विस्तृत आलेख। जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, जैवविविधता और वृक्षारोपण के महत्व को सरल भाषा में समझें।
Read Moreजलवायु परिवर्तन के ऐतिहासिक कारण, विकसित देशों की भूमिका, जलवायु न्याय की अवधारणा तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए भारत सरकार के प्रयासों पर आधारित विस्तृत गद्यात्मक आलेख।
Read More“यदि वन न रहें तो…” विषय पर यह भावनात्मक और तथ्यात्मक आलेख जंगल में चलते एक व्यक्ति के आत्मसंवाद के माध्यम से वन संरक्षण, जनसंख्या दबाव और भविष्य की चुनौतियों को प्रस्तुत करता है।
Read Moreवन्यजीव संरक्षण आज वैश्विक संकट है। जलवायु परिवर्तन, आवास हानि और अवैध शिकार जैसी चुनौतियों के बीच भारत ने प्रोजेक्ट टाइगर, एलीफेंट, डॉल्फिन और चीता जैसी योजनाओं से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
Read Moreमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ कैम्पा गवर्निंग बॉडी की तृतीय बैठक सम्पन्न हुई। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य के वनों के संरक्षण और विकास के लिए कैम्पा मद का समुचित और पारदर्शी उपयोग नियमानुसार हो। बैठक में छह वर्षों में हुए व्यय और आगामी योजनाओं की समीक्षा की गई।
Read Moreप्रकृति एक जटिल और सुंदर ताना-बाना है, जिसमें वन्यजीव और पारिस्थितिकी तंत्र एक-दूसरे के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। वन्यजीव, जिसमें स्तनधारी, पक्षी, सरीसृप, उभयचर, मछलियाँ, कीट और अन्य जीव शामिल हैं, पारिस्थितिकी तंत्र का एक अभिन्न अंग हैं।
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