भारतीय स्वातंत्र्य समर के अमर क्रांतिकारी बाघा जतिन
बाघा जतिन उर्फ़ जतिनन्द्र नाथ मुखर्जी भारतीय स्वाधीनता संग्राम के वीर सपूत थे। 10 सितंबर 1915 को उन्होंने अंग्रेजी शासन से लोहा लेते हुए अपना बलिदान दिया।
Read Moreबाघा जतिन उर्फ़ जतिनन्द्र नाथ मुखर्जी भारतीय स्वाधीनता संग्राम के वीर सपूत थे। 10 सितंबर 1915 को उन्होंने अंग्रेजी शासन से लोहा लेते हुए अपना बलिदान दिया।
Read Moreराष्ट्रकवि श्रीकृष्ण सरल का जीवन स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों की गाथाओं के लेखन को समर्पित रहा। पंद्रह महाकाव्यों सहित 124 ग्रंथों के रचयिता सरल जी ने साहित्य और राष्ट्रसेवा को अपना जीवन बना दिया।
Read Moreस्वाधीनता संग्राम में यदि अहिसंक आँदोलन ने पूरे देश में एक जाग्रति का वातावरण बनाया था तो क्राँतिकारी आँदोलन ने अंग्रेजों को सर्वाधिक विचलित किया था। भारत का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जहाँ से कोई न कोई नौजवान क्राँतिकारी आँदोलन से न जुड़ा हो। कासगंज के क्राँतिकारी महावीर सिंह राठौर ऐसे क्राँतिकारी थे जिन्होंने सुप्रसिद्ध क्राँतिकारी भगतसिंह और दुर्गाभाभी को सुरक्षित लाहौर से निकाला था।
Read Moreजीवन यापन के लिये भिक्षावृत्ति तक करनी पड़ी। स्वतंत्रता के बाद किसी ने उनकी खबर नहीं ली। उन्होंने अपना पूरा जीवन स्वाधीनता संघर्ष को अर्पण कर दिया था। उन्होंने सशस्त्र संघर्ष में भी भाग लिया और अहिंसक आंदोलन में भी। किन्तु स्वतंत्रता के बाद उनके सामने अपने जीवन जीने के लिये ही नहीं रोटी तक का संकट आ गया था। पेट भरने के लिये भिक्षावृत्ति भी की और अंत में सड़क के किनारे लावारिश अवस्था में अपने प्राण त्यागे।
Read More