किसान सशक्तिकरण

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सफलता की कहानी: किसान की जुबानी धान खरीदी नीति ने बदली किस्मत, किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

रायगढ़ जिले में धान खरीदी सीजन की शुरुआत के साथ किसानों में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू पारदर्शी धान खरीदी नीति—प्रति एकड़ 21 क्विंटल और प्रति क्विंटल 3100 रुपए—ने किसानों की आय और विश्वास दोनों में वृद्धि की है। ग्राम कोड़तराई के किसान श्याम दयाल पटेल ने बताया कि बेहतर व्यवस्थाओं और उचित समर्थन मूल्य से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

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धान खरीदी में आसान व्यवस्था के लिए शुरू हुआ ‘तुहर टोकन मोबाइल एप’ किसानों को अब घर बैठे मिलेगा टोकन, लंबी कतारों से मिलेगी राहत

छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की सुविधा और धान खरीदी में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ‘तुहर टोकन मोबाइल एप’ लॉन्च किया। इस एप के जरिए किसान घर बैठे टोकन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे समितियों में लंबी कतारों से राहत मिलेगी और खरीदी प्रक्रिया सरल एवं सुलभ होगी।

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छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति में बड़ा बदलाव: युवाओं, किसानों और निवेशकों को मिलेगा व्यापक लाभ

छत्तीसगढ़ सरकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में बड़े सुधार करते हुए स्थानीय युवाओं, किसानों, उद्यमियों और निवेशकों को केंद्र में रखा है। इस संशोधित नीति से रोजगार, कृषि नवाचार, खेल, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन की उम्मीद है।

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कृषि और ग्रामीण विकास में छत्तीसगढ़ की नई उड़ान: ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्र’ और ‘अमृत सरोवर’ योजना बनेगे बदलाव के वाहक

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और कृषि को नई दिशा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की साझा पहल के तहत एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्र’ और ‘अमृत सरोवर योजना’ जैसी पहलों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण और जल संरक्षण में परिवर्तनकारी कदम बताया। बैठक में योजनाओं की प्रगति, रोजगार सृजन, और किसानों की आय वृद्धि पर विशेष जोर दिया गया।

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भारतीय कृषि: आत्मनिर्भरता से समृद्धि की ओर

भारतीय अर्थव्यवस्था में किसी भी दृष्टि से कृषि क्षेत्र के योगदान को कमतर नहीं आंका जा सकता है क्योंकि उद्योग एवं सेवा क्षेत्र का विकास भी कृषि क्षेत्र के विकास पर ही निर्भर करता है। अधिकतम उपभोक्ता तो आज भी ग्रामीण इलाकों में ही निवास कर रहे हैं एवं उद्योग क्षेत्र में निर्मित उत्पादों की मांग भी ग्रामीण इलाकों से ही निकल रही है। अतः देश में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देना ही होगा।

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