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सफलता की कहानी: किसान की जुबानी धान खरीदी नीति ने बदली किस्मत, किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र को मजबूत आधार देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। सत्ता में आते ही राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए प्रति एकड़ 21 क्विंटल तथा प्रति क्विंटल 3100 रुपए की दर से धान खरीदी लागू की। इस निर्णय का लाभ पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी रायगढ़ जिले के किसानों को व्यापक रूप से प्राप्त हो रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के तहत जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी का कार्य व्यवस्थित और सुचारू रूप से जारी है।

ग्राम कोड़तराई में किसानों के बीच धान खरीदी को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। गांव के किसान श्याम दयाल पटेल ने बताया कि सरकार की पारदर्शी और संवेदनशील खरीदी नीति ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव लाया है। तीन भाई मिलकर लगभग 40 एकड़ में धान की खेती करते हैं और इस वर्ष उन्हें जारी पहले टोकन के तहत 44 क्विंटल धान बिक्री का अवसर मिला।

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श्याम दयाल पटेल के अनुसार, प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा और 3100 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य ने उनकी सालाना आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। बढ़ी हुई आमदनी से वे अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही बच्चों की उच्च शिक्षा, कृषि उपकरणों की खरीद और भविष्य की योजनाओं को मजबूती देने में सक्षम हो रहे हैं। उन्होंने इसे किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार का अत्यंत सराहनीय प्रयास बताया।

धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी सभी केंद्रों पर बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं—छाया, बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी, सटीक तौल मशीनें, पर्याप्त बारदाना और सुगम प्रक्रिया ने किसानों की परेशानी काफी कम की है।

इन सुविधाओं और पारदर्शी प्रक्रियाओं के कारण कोड़तराई सहित पूरे जिले में किसानों के बीच संतोष और भरोसे का माहौल बना हुआ है। किसानों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार की यह नीति वास्तव में किसान हित में मील का पत्थर साबित हो रही है।

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