छत्तीसगढ़ की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत : परंपराएँ, लोककला और लोकजीवन
छत्तीसगढ़ की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में लोकपरंपराएँ, लोकनृत्य, लोककला और जनजातीय जीवन प्रकृति संरक्षण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान का सशक्त आधार प्रस्तुत करते हैं।
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Read Moreबोहाग बिहू असम का रंगीन त्योहार है जो पर्यावरण चेतना, जैव विविधता संरक्षण, पशु कल्याण और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता है। गोरु बिहू, मनुह बिहू, बिहू नृत्य और सामूहिक उत्सव के माध्यम से यह प्रकृति सम्मान तथा सामाजिक एकता का प्रेरणादायक संदेश देता है।
Read More“माणिक्य देवी : बस्तर में एक शक्तिपीठ” पुस्तक की समीक्षात्मक प्रस्तुति, जिसमें बस्तर के इतिहास, चक्रकोट राज्य, शिलालेखों, मंदिर स्थापत्य, छिंदक नागवंश तथा दंतेश्वरी परंपरा के प्रमाणिक अध्ययन का विश्लेषण किया गया है।
Read More13 अप्रैल 1919 के जालियांवाला बाग हत्याकांड ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। बैसाखी के दिन निहत्थे लोगों पर हुई गोलीबारी ने राष्ट्र चेतना को झकझोर दिया और आजादी के संघर्ष को तेज किया।
Read Moreराणा सांगा का जीवन परिचय, खानवा का युद्ध, राजपूत एकता और मध्यकालीन भारत में उनके योगदान का तथ्यपरक एवं विस्तृत आलेख।
Read Moreआयुर्वेद की निवारक चिकित्सा पर विस्तृत आलेख दिनचर्या ऋतुचर्या आहार विहार और योग द्वारा रोग रोकथाम का प्राचीन ग्रंथों के श्लोकों सहित वर्णन स्वस्थ जीवन का मार्गदर्शन।
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