आचार्य ललित मुनि

futuredधर्म-अध्यात्म

संत पीपाजी महाराज के विचारों में सामाजिक समरसता

संत पीपाजी महाराज के विचारों में सामाजिक समरसता और समानता पर गहन आलेख। राजा से संत बने पीपाजी ने जाति-भेद मिटाकर निर्गुण भक्ति और मानव एकता का संदेश दिया। भक्ति आंदोलन, गुरु ग्रंथ साहिब वाणी और सामाजिक सुधार पर प्रेरणादायक तथ्यात्मक विश्लेषण।

Read More
futuredधर्म-अध्यात्म

क्यों हैं युवाओं के आदर्श हैं श्रीहनुमान

श्रीहनुमान के जीवन में बल, बुद्धि और भक्ति का अद्भुत संतुलन मिलता है। यह प्रेरक लेख युवाओं के लिए व्यक्तित्व विकास, सफलता और जीवन मूल्यों का मार्ग प्रस्तुत करता है।

Read More
futuredराजनीति

डॉ. हेडगेवार का राष्ट्रचिंतन और संघ स्थापना का मूल उद्देश्य

डॉ. हेडगेवार के राष्ट्रचिंतन, अनुभव और दृष्टिकोण के आधार पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के पीछे के विचार, उद्देश्य और संगठनात्मक दर्शन का विस्तृत विश्लेषण।

Read More
futuredराजनीति

छह दशकों के वामपंथी उग्रवाद की समाप्ति के बाद नये युग का आरंभ

छह दशकों से जारी नक्सलवाद के अंत और बस्तर सहित देश के प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और जनजातीय समाज के नए भविष्य की विस्तृत विश्लेषणात्मक गाथा।

Read More
futuredधर्म-अध्यात्म

भारत की विविधता में सह-अस्तित्व का दर्शन: महावीर जयंती विशेष

महावीर जयंती 2026 के अवसर पर सह-अस्तित्व, अहिंसा और अनेकांतवाद के दर्शन के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता, एकता और मानवीय मूल्यों का गहन विश्लेषण।

Read More
futuredमेरा गाँव मेरा बचपन

लोकसंस्कृति में प्रवाहित होता महुआ का मधुर स्मृति प्रवाह

फागुन चैत्र की महुआ महक से शुरू होकर वैदिक मधुका मंत्र अथर्ववेद ऋग्वेद आयुर्वेद चरक सुश्रुत तक और लोक संस्कृति आधुनिक साहित्य रेणु पर्यावरण विमर्श तक महुआ का सतत प्रवाह जो लोक स्मृति प्रकृति और जीवन चक्र का प्रतीक है।

Read More