मानवता की मिसाल: गंभीर बीमार महिला को बाइक से लाए पति, प्रशासन ने तुरंत दिलाया इलाज
रायपुर, 23 अप्रैल 2026। कवर्धा जिले के काटाबहरा (नगवाही) निवासी समलू मरकाम अपनी पत्नी कपूरा मरकाम को बाइक पर लिटाकर कलेक्ट्रेट पहुंचे तो यह दृश्य हर किसी को भावुक कर गया। कपूरा मरकाम थायराइड कैंसर के चौथे चरण से पीड़ित हैं और चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर गोपाल वर्मा ने तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए एम्बुलेंस की व्यवस्था करवाई और पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अब महिला को उन्नत इलाज के लिए रायपुर रेफर किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि यह मामला पहले भी स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में आ चुका था। 11 नवंबर को समलू मरकाम द्वारा अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी को बाइक में लिटाकर उपचार के लिए ले जाने की सूचना मिलने पर 12 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग की टीम स्वयं उनके घर पहुंची थी। इसके बाद 108 एम्बुलेंस की सहायता से मरीज को रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल भेजा गया, जहां कैंसर रिसर्च यूनिट में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया।
उन्होंने आगे बताया कि बीमारी की शुरुआत में जब गले में गांठ और दर्द की समस्या सामने आई, तब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेगांखार और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला की टीम ने गांव पहुंचकर स्थिति का आकलन किया था। प्रारंभिक जांच के बाद मरीज को रायपुर रेफर किया गया, जहां वर्ष 2024 में लगभग एक वर्ष तक एम्स, मेकाहारा और डीकेएस अस्पताल सहित कुछ निजी संस्थानों में उपचार चला।
इसके बाद जनवरी 2025 में मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल में एक माह तक विशेष इलाज किया गया। उपचार के बाद मरीज को घर लाया गया, लेकिन समय-समय पर स्वास्थ्य बिगड़ने पर पुनः चिकित्सा सहायता दी जाती रही। 12 नवंबर को फिर से रायपुर लाकर भर्ती किया गया, जहां 12 और 13 नवंबर को मेकाहारा में इलाज चला तथा 14 से 19 नवंबर 2025 तक एम्स में भर्ती कर कीमोथेरेपी दी गई। 20 नवंबर को मरीज को वापस घर भेज दिया गया, जहां वह स्वास्थ्य लाभ ले रही थीं।
हाल ही में तबीयत बिगड़ने पर समलू मरकाम एक बार फिर पत्नी को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार, वर्तमान स्थिति को देखते हुए उन्हें पुनः रायपुर रेफर कर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
यह घटना न केवल एक पति की संघर्षपूर्ण संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता का भी उदाहरण प्रस्तुत करती है।
