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futuredपॉजिटिव स्टोरी

स्वाधीनता से अखंडता की ओर भारत का संघर्ष और संभावनाएँ

भारत पर शक, हूण, कुषाण एवं यवन के आक्रमण हुए, परंतु भारत पर उनके कुछ समय के शासन के पश्चात वे भारतीय सनातन संस्कृति में ही रच बस गए एवं भारत का हिस्सा बन गए। परंतु, अरब के देशों से मुसलमान एवं ब्रिटेन से अंग्रेजों के भारत पर चले शासन के दौरान उन्होंने भारतीय नागरिकों का बलात धर्म परिवर्तन करवाया, स्थानीय नागरिकों पर अकल्पनीय अत्याचार किए। भारत के बड़े बड़े प्रतिष्ठानों, मंदिरों एवं ज्ञान के स्थानों को नष्ट किया।

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futuredसाहित्य

साहित्य मनीषी आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी

आधुनिक हिन्दी साहित्य का इतिहास अधूरा ही रह जाएगा, अगर उसमें आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का उल्लेख ना हो। आज 19 अगस्त को उनका जन्म दिन है। उन्हें विनम्र नमन। उनका सम्पूर्ण जीवन आधुनिक हिन्दी साहित्य के इतिहास का एक यादगार स्वर्णिम अध्याय है।

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futuredलोक-संस्कृति

शक्ति, संरक्षण और संस्कृति का प्रतीक : रक्षा सूत्र

भविष्य पुराण में बताया गया है कि रक्षा कवच बांधने की प्रथा की शुरूवात महाराज इंद्र की पत्नी शचि ने किया था। जब देव और दानवों के बीच युद्ध चल रहा था तब इंद्राणी ने अपने पति की विजय कामना के लिए उसके दाहिने हाथ में रक्षा सूत्र और चांवल-सरसों को बांधकर उनकी सुरक्षा और विजय की कामना की थी जिससे वे असुरों पर विजय प्राप्त कर सके थे।

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futuredछत्तीसगढ

छत्तीसगढ़ में जैविक स्ट्रेस प्रबंधन पर राष्ट्रीय किसान सम्मेलन का आयोजन

रायपुर, 17 अगस्त 2024/ छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज राजधानी रायपुर के समीप ग्राम बरौंडा में स्थित

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futuredहमारे नायक

भाषा विज्ञान और हिन्दी साहित्य के चलते-फिरते ज्ञानकोश थे डॉ. रमेशचन्द्र मेहरोत्रा

डॉ. महरोत्रा ने छत्तीसगढ़ी मुहावरों और लोकोक्तियों का एक महत्वपूर्ण संकलन भी तैयार किया। उन्होंने ‘ मानक छत्तीसगढ़ी का सुलभ व्याकरण’ भी लिखा। शब्दों के बारीक से बारीक अर्थ निकालने में उन्हें महारत हासिल थी। भाषाओं में शब्दों का यथायोग्य प्रयोग कैसे किया जाए ,यह उनकी पुस्तकों से सीखा जा सकता है। अपने विद्यार्थियों के लिए वह भाषा विज्ञान और हिन्दी साहित्य के चलते -फिरते विशाल ज्ञानकोश थे।

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