futured

futuredघुमक्कड़ जंक्शनताजा खबरें

छत्तीसगढ़ में हुआ पर्यटन मित्र योजना का शुभारंभ

भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने 27 सितंबर 2024 को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर ‘पर्यटन मित्र’ और ‘पर्यटन दीदी’ नाम से एक राष्ट्रीय उत्तरदायी पर्यटन पहल की शुरुआत की थी।

Read More
futuredहमारे नायक

भारत की स्वतंत्रता में भाई परमानंद का योगदान और बलिदान

1902  में भाई परमानन्द ने पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की और लाहौर के दयानन्द एंग्लो महाविद्यालय में शिक्षक नियुक्त हो गये। भारत की प्राचीन संस्कृति तथा वैदिक धर्म में आपकी रुचि देखकर महात्मा हंसराज ने आपको भारतीय संस्कृति का प्रचार करने के लिए अक्टूबर 1905 में अफ्रीका भेजा। डर्बन में भाईजी की गांधीजी से भेंट हुई।

Read More
futuredविश्व वार्ता

विश्व राजनीति में भारत की बढ़ती भूमिका एवं प्रभाव

वर्तमान वैश्विक राजनीति, विशेष रूप से रणनीतिक, आर्थिक और राजनैतिक क्षेत्र में तेजी से बदलाव देख रही है। एक ओर जहां जी-7, जी-20 और नाटो जैसे पारंपरिक गठबंधनों की शक्ति में थोड़ी कमी आई है, वहीं ब्रिक्स जैसे समूह अपनी उपस्थिति मजबूती से दर्ज कर रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों का वर्चस्व लंबे समय से इन वैश्विक संगठनों के माध्यम से कायम रहा है

Read More
futuredछत्तीसगढ

बस्तर ओलंपिक 2024 के लोगो और शुभांकर का अनावरण

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में बस्तर ओलंपिक 2024 के प्रतीक चिन्ह (लोगो) और शुभंकर (मस्कट) का अनावरण किया और दो प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

Read More
futuredलोक-संस्कृति

गोर्वधन पूजा का कारण एवं महत्व

आज गोवर्धन पूजा की जाती है। लोग इसे अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं। इस पर्व में प्रकृति के साथ मानव का सीधा सम्बन्ध दिखाई देता है। इस पर्व की अपनी मान्यता और लोककथाएं है। गोवर्धन पूजा में गोधन यानी गायों की पूजा की जाती है। शास्त्रों में बताया गया है कि गाय उसी प्रकार पवित्र होती जैसे नदियों में गंगा। गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी कहा गया है।

Read More
futuredलोक-संस्कृति

छत्तीसगढ़ का प्रमुख लोकपर्व गौरी गौरा पूजन

‘लोक’ आडम्बरहीन होता है। लोक जीवन सीधा-सादा ओर सरल होता है। इसलिए उसके आचार-विचार, कार्य और व्यवहार भी सीधे-सहज और सरल होते हैं। लोक के देवी-देवता और उसकी पूजा प्रार्थना भी लोक सम्मत होते हैं। जहाँ पार्वती, गौरी और शिव गौरा के रूप में लोक पूजित और लोक प्रतिष्ठित हैं ।

Read More