अगर सुभाष होते, तो क्या नेहरू सत्ता तक पहुँचते?
ब्रिटिश खुफिया तंत्र की विफलताओं ने सुभाष चंद्र बोस को पकड़ने में कैसे चूक की और किस तरह उनकी अनुपस्थिति ने स्वतंत्र भारत की सत्ता संरचना को प्रभावित किया।
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Read Moreबसंत पंचमी भारतीय साहित्य में केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन, प्रेम, भक्ति और ज्ञान का सांस्कृतिक उत्सव है।भारतीय काव्य परंपरा में बसंत की भूमिका को समझने का एक समृद्ध प्रयास।
Read Moreगणतंत्र दिवस 2026 पर कर्तव्य पथ में छत्तीसगढ़ की झांकी “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर जनजातीय वीर नायकों, भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर और प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को समर्पित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की भव्य प्रस्तुति करेगी।
Read Moreरायपुर साहित्य उत्सव 23 से 25 जनवरी 2026 तक पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित होगा। उद्घाटन राज्यसभा उपसभापति हरिवंश करेंगे। साहित्य, संस्कृति, मीडिया, सिनेमा, भारतीय ज्ञान परंपरा और समकालीन विमर्श पर देशभर के साहित्यकारों की भागीदारी रहेगी।
Read Moreछत्तीसगढ़ के चर्चित कवि स्वराज्य करुण के कविता-संग्रह दिलवालों का देश कहाँ पर आधारित यह आलेख करुणा, संवेदना, मानवता, राष्ट्रबोध, सामाजिक यथार्थ और जीवन-दर्शन की गहन पड़ताल करता है।
Read Moreमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस पर रायपुर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भाग लिया और उनकी स्मृति में चौक, मूर्ति स्थापना तथा सामाजिक केंद्रों के निर्माण की घोषणाएं कीं।
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