बावनी इमली जहाँ अंग्रेजों ने 52 क्रान्तिकारीयों को एक साथ पेड़ पर लटकाया
1857 के स्वतंत्रता संग्राम में फतेहपुर के बावनी इमली पर 52 क्रांतिकारियों को फाँसी देने की घटना अंग्रेजी क्रूरता और बलिदान की मार्मिक गाथा प्रस्तुत करती है।
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Read Moreदक्षिण कोसल की ऐतिहासिक विरासत के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का अध्ययन, जिसमें सिरपुर, रतनपुर, भोरमदेव, शिलालेख, मंदिर स्थापत्य और प्राचीन नगरों की परंपरा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत है।
Read More13 अप्रैल 1919 के जालियांवाला बाग हत्याकांड ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। बैसाखी के दिन निहत्थे लोगों पर हुई गोलीबारी ने राष्ट्र चेतना को झकझोर दिया और आजादी के संघर्ष को तेज किया।
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Read More23 मार्च 1931 की वह ऐतिहासिक शाम, जब भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने हँसते-हँसते फाँसी स्वीकार की। लाहौर षड्यंत्र केस, क्रांतिकारी आंदोलन और शहादत की प्रेरक गाथा पर विस्तृत आलेख।
Read Moreछत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले स्थित प्राचीन केंवटिन देऊल मंदिर महानदी घाटी सभ्यता का महत्वपूर्ण साक्ष्य है। इसका इतिहास, जनश्रुतियाँ, जीर्णोद्धार और संरक्षण से जुड़ी स्थिति पर विस्तृत लेख।
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