काकभुशुण्डि जी की प्रतिमा-प्रकरण: सत्य की विजय और झूठे आरोपों का सामाजिक दायित्व
काकभुशुण्डि जी की प्रतिमा से जुड़े प्रकरण के बहाने झूठे आरोप, सोशल मीडिया की अफवाह, सार्वजनिक जवाबदेही और सामूहिक आस्था के प्रति सामाजिक दायित्व का विश्लेषण।
Read Moreकाकभुशुण्डि जी की प्रतिमा से जुड़े प्रकरण के बहाने झूठे आरोप, सोशल मीडिया की अफवाह, सार्वजनिक जवाबदेही और सामूहिक आस्था के प्रति सामाजिक दायित्व का विश्लेषण।
Read Moreराम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद की जांच के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या इस मामले को हिंदू आस्था, संघ और भाजपा की विश्वसनीयता पर प्रहार के राजनीतिक औजार में बदला जा रहा है?
Read Moreभारत रत्न गुलजारी लाल नंदा के जीवन, सादगी, ईमानदारी, श्रमिक कल्याण, दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में उनकी भूमिका तथा भारतीय राजनीति में नैतिक मूल्यों की प्रेरक विरासत पर आधारित तथ्यपूर्ण आलेख।
Read Moreआज सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि यदि पासपोर्ट नहीं, तो फिर क्या? इस प्रश्न का उत्तर जितनी शीघ्रता से सरकार देगी, उतनी ही शीघ्रता से भ्रम समाप्त होगा और नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होगा। लोकतंत्र में नागरिक से प्रमाण मांगना अनुचित नहीं है, लेकिन उससे पहले यह बताना अनिवार्य है कि वह प्रमाण आखिर है क्या?
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Read Moreगोंड संस्कृति की सात्विक परंपराओं, प्रकृति-पूजा, देवस्थलों की पवित्रता और आदिवासी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित विश्लेषण। जानिए कैसे राजनीतिक हस्तक्षेप और वैचारिक संघर्ष के आरोपों के बीच सांस्कृतिक मूल्यों पर बहस खड़ी हुई है।
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