Author: News Editor

futuredखबर राज्यों से

भारतीय ऋषी परंपरा और शिक्षा संस्कृति पुस्तक का लोकापर्ण एवं काव्य गोष्ठी

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. शुभदा पांडेय और प्रा. दिनेश चंद्र शर्मा ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पण कर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट शिक्षक ही श्रेष्ठ शिष्य के निर्माता होता हैं। हमारी प्राचीन शिक्षा रोजगार नहीं परोपकार से अपनी पाठशाला आरंभ करती थी।

Read More
futuredधर्म-अध्यात्म

रामचरितमानस का नैतिक और सामाजिक प्रभाव

तुलसीदास की रचनाओं का भारतीय जनमानस पर व्यापक प्रभाव पड़ा। रामचरितमानस का भारतीय जनमानस पर अत्यधिक गहरा और व्यापक प्रभाव पड़ा है। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित यह महाकाव्य न केवल धार्मिक ग्रंथ के रूप में पूजनीय है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, समाज और जीवन दर्शन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ भी है।

Read More
futuredविश्व वार्ता

भारत की आर्थिक प्रगति और हिंदू सनातन संस्कृति की भूमिका

यूक्रेन – रूस के बीच युद्ध एवं हमास – इजराईल के बीच युद्ध आज इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण है। बांग्लादेश में अशांति व्याप्त हो गई है। इसी प्रकार ब्रिटेन, फ्रान्स, जर्मनी, अमेरिका जैसे शांतिप्रिय देश भी आज विभिन्न प्रकार की समस्याओं से ग्रसित होते दिखाई दे रहे हैं। इसलिए, शांति स्थापित करने एवं आर्थिक विकास को गतिशील बनाए रखने के उद्देश्य से आज हिंदू सनातन संस्कृति के संस्कारों को आज पूरे विश्व में फैलाने की महती आवश्यकता है।

Read More
futuredलोक-संस्कृति

विश्व की प्राचीन सभ्यताओं में नाग एवं जैव विविधता संरक्षण

नागों की उपस्थिति एवं उनकी पूजा प्राचीन सभ्यताओं एवं संस्कृतियों महत्व स्थान रखती है। भले ही उनकों अलग-अलग रुपों या कारणों से पूजा जाता हो परन्तु वे मानव सभ्यताओं में विशेष स्थान रखते हुए वर्तमान में भी विशिष्ट बने हुए हैं।

Read More
futuredविश्व वार्ता

बंगलादेश में सत्ता परिवर्तन और हिन्दुओं पर हमलों का नया दौर

बंगलादेश के 29 जिलों में हिन्दुओं को चुन चुनकर मारा गया। उनके घरों को लूटा गया, आग लगाई गई, मंदिरों पर हमले हुये और मूर्तियाँ तोड़ीं गईं। हिन्दुओं पर ये हमले सत्ता परिवर्तन के बाद भी नहीं रुके। अंतरिम सरकार के उभर आने के बाद भी बंगलादेश के गाँवों में हिन्दुओं पर हमले नहीं रुके।

Read More