ग्राम तुरमा में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई लोकमाता राजमाता अहिल्याबाई होल्कर जयंती
बलौदाबाजार। ग्राम तुरमा (भाटापारा) में लोकमाता राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। पाल समाज द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में समाज के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के प्रेरणादायी जीवन पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाटापारा के पूर्व विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री शिवरतन शर्मा थे। उनके साथ जिला पंचायत सभापति राजा जायसवाल ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन की शोभा बढ़ाई। अतिथियों ने राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, उनके आदर्शों, न्यायप्रियता, सुशासन, धर्म एवं संस्कृति संरक्षण तथा जनकल्याणकारी कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर भारतीय इतिहास की ऐसी महान विभूति थीं, जिन्होंने अपने शासनकाल में समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विकास पहुंचाने का कार्य किया। उनके द्वारा देशभर में मंदिरों, घाटों, धर्मशालाओं तथा जनोपयोगी निर्माण कार्यों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आस्था को नई ऊर्जा मिली।
मुख्य अतिथि श्री शिवरतन शर्मा ने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन आज भी समाज और प्रशासन दोनों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने इतिहास और महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र एवं समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। जिला पंचायत सभापति राजा जायसवाल ने भी राजमाता के आदर्शों को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए समाज को एकजुट होकर उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
विशेष उल्लेखनीय बात यह रही कि बलौदाबाजार जिले में पाल समाज द्वारा इस प्रकार का यह पहला बड़ा आयोजन ग्राम तुरमा में संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम न केवल पाल समाज के लिए बल्कि अन्य समाजों के लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत बना। आयोजन के माध्यम से समाज के लोगों को अपने गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और महान विभूतियों से परिचित कराने का सफल प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में पंचराम पाल, बिशेष पाल, फिरंता राम पाल, फिरत राम पाल, चिंताराम पाल, आनंद राम पाल, जगदीश पाल, मिठ्ठूलाल पाल, सरपंच लीला बाई मनहरे, जीवराखन यदु, रामखिलावन यदु, शीला बाई पाल, कुमारी ध्रुव सहित पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन तीजराम पाल, पीएचडी रिसर्च स्कॉलर, प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व अध्ययनशाला, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ना समय की आवश्यकता है। राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन की प्रेरक घटनाओं, समाज सेवा, त्याग, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को आत्मसात कर समाज नई दिशा प्राप्त कर सकता है।
कार्यक्रम का समापन राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने, समाजहित में निरंतर कार्य करने तथा भावी पीढ़ी को अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के संकल्प के साथ किया गया।

