futuredछत्तीसगढ

बस्तर रोडमैप 2.0 को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाकात, समग्र विकास की रूपरेखा प्रस्तुत

रायपुर, 7 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट कर बस्तर के समग्र, समावेशी और सतत विकास के लिए तैयार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके संकल्प और मार्गदर्शन में 31 मार्च तक माओवाद के उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद अब राज्य सरकार का मुख्य ध्यान तेजी से विकास, रोजगार सृजन और जनजीवन को सशक्त बनाने पर केंद्रित है। बस्तर रोडमैप 2.0 के अंतर्गत एग्रो तथा एग्रो फॉरेस्ट क्षेत्र, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और पर्यटन विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बस्तर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज की रणनीति पर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से नियद नेल्ला नार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है।

यह भी पढ़ें  निराशा के अंधेरे में सूरज की तलाश : पुस्तक-चर्चा

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों का नेशनल काउंसिल फॉर एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च द्वारा थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया गया है। सर्वे के अनुसार 93 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक स्कूल उपलब्ध हैं, जहां 97 प्रतिशत बच्चों को मध्याह्न भोजन, गणवेश और पुस्तकें मिल रही हैं। 97 प्रतिशत गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जबकि अधिकांश गांव आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जुड़े हुए हैं और 89 प्रतिशत ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। मार्च 2026 तक राशन कार्ड और आधार कार्ड का संतृप्तिकरण 95 प्रतिशत से अधिक हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर रोडमैप 2.0 के तहत नियद नेल्ला नार योजना का विस्तार करते हुए इसमें 10 जिलों को शामिल किया जा रहा है। इनमें बस्तर संभाग के 7 जिलों के साथ गरियाबंद, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़ छुईखदान गंडई जिले भी शामिल होंगे।

दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना प्रारंभ की गई है, जो वर्तमान में बस्तर के 38 मार्गों पर संचालित है। इसके साथ ही बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने क्षेत्र में आत्मगौरव और नई ऊर्जा का संचार किया है।

यह भी पढ़ें  राज्यसभा में सात सांसदों के भाजपा में विलय को मिली मंजूरी

नक्सल मुक्त पंचायतों में एल्वद योजना के तहत एक करोड़ रुपये तक के विकास कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे समाज में स्थायी शांति स्थापित हो सके।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को जानकारी दी कि दंतेवाड़ा एजुकेशन सिटी की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में भी एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ हो चुका है तथा दूरस्थ क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्र भी अब नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं। दंतेवाड़ा के गीदम में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है।

सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज सहित दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिससे कृषि उत्पादन और जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में बस्तर के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। राज्य सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंचाना है। इसके लिए आत्मनिर्भर आजीविका क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और हितग्राहियों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों और वनधन केंद्रों से जोड़ा जाएगा।

यह भी पढ़ें  मिथोस एआई से बढ़ता खतरा और भारतीय बैंकिंग व्यवस्था की नई चुनौती

इसके साथ ही बस्तर मुन्ने नामक संतृप्तता शिविर कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में शिविर आयोजित कर हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा तथा समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति विशेष स्नेह रखती है और प्रधानमंत्री का भी इस क्षेत्र के प्रति गहरा लगाव है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बस्तर आने का निमंत्रण देते हुए रेल और सिंचाई परियोजनाओं के भूमिपूजन के लिए समय देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से हुई यह भेंट अत्यंत उपयोगी रही और उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार बस्तर के सर्वांगीण विकास की दिशा में तेजी से कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर अब शांति, विकास और नई संभावनाओं का केंद्र बनकर उभर रहा है।