दिल्ली कोर्ट का बड़ा फैसला: अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी को उम्रकैद
नई दिल्ली: राजधानी की एक विशेष अदालत ने कश्मीर से जुड़ी एक अहम आतंकी मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) के तहत दर्ज किया गया था।
अदालत ने अंद्राबी के साथ उनकी दो सहयोगियों—Nahida Nasreen और Fahmeeda Sofi—को भी दोषी ठहराते हुए 30-30 साल की सजा सुनाई है।
अंद्राबी, प्रतिबंधित संगठन Dukhtaran-e-Millat (DEM) की प्रमुख रही हैं। उन्हें वर्ष 2018 में गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी National Investigation Agency (NIA) के अनुसार, वे विभिन्न मंचों और साइबर माध्यमों का इस्तेमाल कर भड़काऊ और देश-विरोधी विचार फैलाने में शामिल थीं।
जांच में सामने आया कि अंद्राबी और उनकी सहयोगियों ने कश्मीर के युवाओं के बीच भारत के खिलाफ नकारात्मक सोच पैदा करने की कोशिश की। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि भले ही उनके कृत्य सीधे तौर पर हिंसा को उकसाने वाले न दिखें, लेकिन इस तरह के विचार समाज में असंतोष और हिंसा की भावना को जन्म दे सकते हैं।
अदालत ने यह भी माना कि दोषियों का शिक्षित होना उनके पक्ष में राहत का आधार नहीं बनता, बल्कि यह दर्शाता है कि उन्होंने अपने कार्यों को समझते हुए जानबूझकर अंजाम दिया।
NIA के मुताबिक, इन तीनों ने ऑनलाइन माध्यमों के जरिए पाकिस्तान से जुड़े तत्वों और आतंकी संगठनों के समर्थन को बढ़ावा देने की कोशिश भी की। यह गतिविधियां देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानी गईं।
यह फैसला कश्मीर से जुड़े मामलों में सख्त संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर जोर दिया गया है।

