दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब, छात्र व श्रमिक कार्यकर्ताओं की हिरासत पर एक हफ्ते में स्पष्टीकरण देने का आदेश
दिल्ली उच्च न्यायालय ने रविवार को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह एक सप्ताह के भीतर यह स्पष्ट करे कि कुछ छात्र और श्रमिक कार्यकर्ताओं को किन परिस्थितियों और किस कानूनी अधिकार के तहत हिरासत में लिया गया था।
न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने पुलिस को यह भी निर्देश दिया कि जिन स्थानों से छात्रों को कथित तौर पर उठाया गया था, वहां के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखे जाएं।
अदालत ने यह भी कहा कि ‘रुद्र’ नाम के एक छात्र से संबंधित बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सोमवार, 16 मार्च को सुनवाई की जाएगी। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि छात्र के बारे में जानकारी जुटाकर उसकी स्थिति स्पष्ट की जाए, क्योंकि बताया जा रहा है कि वह अभी भी लापता है।
दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता संजीव भंडारी ने अदालत को बताया कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया था, उन्हें अब रिहा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों को एक प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पूछताछ के लिए रोका गया था।
भंडारी ने याचिकाकर्ताओं की इस मांग का भी विरोध किया कि उन्हें एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना था कि एफआईआर की प्रति फिलहाल गोपनीय है और इसे अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
यह मामला उन बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिन्हें हिरासत में लिए गए तीन कार्यकर्ताओं के परिजनों ने दाखिल किया है। एक याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस ने अदालत को बताया कि रिहा किए गए छात्रों ने अपने वकीलों को जानकारी दी है कि उन्हें अदालत में पेश किए बिना अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया था।
वहीं एक अन्य याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता शाहरुख आलम ने आरोप लगाया कि कुछ कार्यकर्ताओं को सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने उठाया और उनके साथ दुर्व्यवहार व हिंसा की गई। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों पर याचिका वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि यदि जांच में छात्रों की आवश्यकता होगी तो उन्हें कानून के तहत सहयोग करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को तय की गई है।

