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सांसद संकुल विकास परियोजना से जनजातीय क्षेत्रों में स्वरोजगार और विकास को मिलेगी गति: विष्णुदेव साय

रायपुर, 12 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित सांसद संकुल विकास परियोजना की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना से जनजातीय विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि परियोजना के अंतर्गत लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है, जिससे जनजातीय क्षेत्रों से पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सांसद संकुल विकास परियोजना के तहत गांवों के क्लस्टर बनाकर विकास का एक मॉडल तैयार किया गया है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिल रहा है। योजना का उद्देश्य स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग के माध्यम से कौशल विकास कर लोगों को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और राज्य में धान की अनेक किस्में उपलब्ध हैं, जिनके निर्यात की व्यापक संभावनाएं हैं। कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन, बकरी पालन, गौ पालन और शूकर पालन से ग्रामीणों को जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज पारंपरिक रूप से महुआ, इमली, चिरौंजी जैसे वनोपज का उत्पादन करता आ रहा है। इन उत्पादों का वैल्यू एडिशन कर उन्हें बाजार से जोड़ा जा रहा है।

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य की नई उद्योग नीति में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सांसद संकुल विकास परियोजना से जुड़े जनप्रतिनिधि और विकास सहयोगी यह सुनिश्चित करें कि जनजातीय क्षेत्रों को उद्योग नीति के लाभ भी मिलें। परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी की जाएगी।

बैठक में वी. सतीश ने सांसद संकुल विकास परियोजना की परिकल्पना और इसके लक्ष्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योजना के तहत जनजातीय क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देकर पलायन रोकने की दिशा में ठोस कार्य किए जा रहे हैं। गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे जनजातीय बहुल राज्यों में आमजन, एनजीओ, जनप्रतिनिधि और सरकार के समन्वित प्रयासों से समग्र विकास किया जा रहा है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारी संकुल से जुड़े गांवों के विकास में अपनी भूमिका पूरी निष्ठा से निभाएं। स्थानीय जरूरतों की बेहतर समझ के साथ कौशल विकास कर लोगों को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है।

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बैठक में रायगढ़ के लैलूंगा संकुल, सरगुजा के परशुरामपुर संकुल, बस्तर के बकावंड संकुल, बलरामपुर के माता राजमोहिनी देवी संकुल और केशकाल के धनोरा संकुल में योजना के तहत किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।

इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग, चिंतामणि महाराज, राधेश्याम राठिया, देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक रेणुका सिंह, गोमती साय, प्रसाद इंडेप, कपिल सहस्त्रबुद्धे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।