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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जीएसटी सुधारों की नई दिशा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया आभार

रायपुर, 04 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक जीएसटी सुधारों का स्वागत करते हुए कहा है कि यह निर्णय भारत की कर प्रणाली को आमजन के लिए अधिक सरल और उद्योग-व्यापार के लिए प्रोत्साहनकारी बनाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आयकर में 12 लाख तक की छूट देने के बाद अब जीएसटी दरों में की गई भारी कटौती से रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएं, खेती-किसानी के उपकरण, खाने-पीने की चीज़ें, दवाइयां, शिक्षा सामग्री, मनोरंजन की वस्तुएं, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सस्ते हो गए हैं। कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दर शून्य कर दी गई है, जिससे नागरिकों के जीवन में सीधा लाभ पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर्व से लागू होने वाला यह प्रावधान प्रधानमंत्री जी की Ease of Doing Business और Ease of Living की संकल्पना को साकार करेगा। इससे उद्योग-व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करता हूँ। यह निर्णय आम आदमी के जीवन को सरल बनाने और देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था की नई ऊँचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

ज्ञात हो कि केन्द्रीय वित्त मंत्री ने बुधवार देर रात जीएसटी परिषद की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जीएसटी ढांचे में अब तक के सबसे बड़े सुधार किए गए हैं। यह सुधार न केवल कर दरों के सरलीकरण बल्कि ढांचागत सुधार और “Ease of Doing Business” की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार अब केवल दो जीएसटी स्लैब रहेंगे। आम आदमी से जुड़े दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे हेयर ऑयल, साबुन, शैम्पू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, रसोई और घरेलू सामानों पर जीएसटी दर घटाकर 5% कर दी गई है। वहीं, दूध, पनीर, रोटी, पराठा और अन्य भारतीय ब्रेड पर जीएसटी को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

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मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए टीवी, एसी, वॉशिंग मशीन, छोटे वाहन, मोटरसाइकिल, कारें, ट्रक और एम्बुलेंस पर दरें घटाकर 18% कर दी गई हैं। कृषि क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिला है—ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% किया गया है। उर्वरक उत्पादन में उपयोग होने वाले रसायनों तथा नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों पर भी कर दर घटाकर 5% कर दी गई है।

स्वास्थ्य क्षेत्र को भी विशेष राहत दी गई है। 33 जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी को शून्य कर दिया गया है। कैंसर और दुर्लभ रोगों के उपचार में प्रयुक्त दवाओं, डायग्नोस्टिक किट, ब्लड ग्लूकोज मॉनिटरिंग सिस्टम, चश्मों और चश्मे के लेंसों पर भी जीएसटी दर घटाकर 5% कर दी गई है।

परिषद ने श्रम-प्रधान उद्योगों और हस्तशिल्प क्षेत्र को भी राहत दी है। मैनमेड फाइबर और यार्न पर जीएसटी दर घटाकर क्रमशः 5% कर दी गई है जिससे लंबे समय से लंबित उल्टे शुल्क ढांचे की समस्या का समाधान हो गया है।

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हालांकि, पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, जर्दा और अन्य तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी दर और क्षतिपूर्ति उपकर (Compensation Cess) यथावत बने रहेंगे। इन वस्तुओं पर 40% की विशेष दर लागू की जाएगी।

वित्त मंत्री ने बताया कि नई दरें 22 सितम्बर 2025 (नवरात्रि के प्रथम दिन) से प्रभावी होंगी। केवल तंबाकू उत्पादों पर वर्तमान दरें तब तक लागू रहेंगी जब तक क्षतिपूर्ति उपकर से जुड़ी देनदारियां पूरी तरह चुकता नहीं हो जातीं।

उन्होंने कहा कि “यह निर्णय आम आदमी, किसानों, मध्यमवर्ग और उद्योगों सभी को राहत देगा तथा जीएसटी व्यवस्था को अधिक स्थिर और सरल बनाएगा।”