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गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर 150 वीं जयंती: साहित्य कुंभ रायपुर में संपन्न

मैथिल प्रवाहिका छ.ग. एवं उत्तर मध्यक्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सौजन्य तथा सेल महारत्न एवं इंडियन ऑयल कार्पो. महारत्न के सहयोग से दिनांक 29 अप्रेल 2012 को गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर जी की 150वीं जयंती समारोह का शुभारंभ होटल सुधा रिजेन्सी, रेल्वे स्टेशन रोड, रायपुर (छ.ग.) में डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र अंतर्राष्ट्रीय कवि की
अध्यक्षता तथा श्री रमेश नैयर जी चेयरमेंन छ.ग. हिन्दी ग्रन्थ आकादमी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया यह समारोह पांच सत्रों में चला। राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम का आरंभ नवेन्दु कृष्ण दास समूह द्वारा द्वारा प्रस्तुत मंगलगीत, रविन्द्र संगीत, श्यामा संगीत तथा नन्हेमुन्ने बाल कलाकारों के बांगला नृत्य से हुआ। 

इसके पश्चात दीप प्रज्जवलन एवं उद्घाटन डॉ.बुद्धिनाथ मिश्र-अंतर्राष्ट्रीय कवि, श्री डोरीलाल शर्मा श्रोत्रीय, डॉ. दीलीप कुमार साहा, पं. विद्यानंद झा एवं कार्यक्रम के संयोजक मनीष कुमार झा द्वारा हुआ । प्रथम सत्र के मु़ख्य अतिथि श्री रमेश नैयर जी ने गुरूदेव रविन्द्रनाथ ठाकुर के छ.ग. स्थित पेन्ड्रा से गहरा नाता रहा है उन्होने गुरूदेव को विलक्षण प्रतिभा का साहित्यकार एवं नोवल पुरूस्कार के योग्य सही ठहराया । द्वितीय सत्र में श्री नरेन्द्र शुक्ल संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व छ.ग.शासन द्वारा मैथिली, छत्तीसगढ़ी, हिन्दी, बांगला एवं अन्य भाषाओं के साहित्यकारों को एक मंच में उपस्थित देख कर बडी प्रसंन्नता ब्यक्त की गई एवं देशभर से पधारे अतिथियों एवं शोधार्थियों द्वारा आलेख पाठ को हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा मे प्रकाशित कर सभी लोगों को अधिक से अधिक प्रचारित प्रसारित कर जानकारी देने का अनुरोध किया तथा श्री नरेन्द्र शुक्ल जी की गरिमामयी उपस्थिति में देशभर के प्रकाण्ड विद्वानों की पांच पुस्तकों का विमोचन भी सम्पन्न हुआ।

अवसर पर छ.ग.प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं सिंधी भाषा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री रमेश वल्यानी द्वारा गुरूदेव के उपर साहित्य आदि का प्रकाशन सिंधी भाषा में किये जाने एवं गुरूकुल पद्धती की स्थापना शान्ति निकेतन में पुनः सिखने की व्याख्या की गई। विभिन्न साहित्यकारों एवं समाज सेवियों-श्री संजय वाजपेयी, डॉ.सुधीर शर्मा, गिरीश पंकज, जय प्रकाश मानस, संजीव ठाकुर, शकुन्तला तरार, जे.पी.शर्मा आदि का छत्तीसगढ़ गौरव, छ.ग.विभूति, छ.ग.साहित्य श्री आदि सम्मान से सम्मानित किया गया। 

द्वितीय सत्र में श्रीमती रेवती मिश्र, डॉ.इन्द्रकांत झा एवं अमरनाथ झा आदि की मैथिली भाषा की किताबों का लोकापर्ण श्री नरेन्द्र शुक्ल एवं अध्यक्षता-पं.राजकिशोर मिश्र, डॉ. राजश्री रावत, पंचानंद मिश्र, अशोक चौधरी आदि अतिथियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। भोजन पश्चात तृतीय सत्र राष्ट्रीय संगोष्ठी आलेख पाठ एवं विशिष्टजनों का सम्मान समारोह, भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अशोक चौधरी के मुख्यआतिथ्य एवं अशोक तोमर टाटा स्टील की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्रसिद्ध साहित्यकार एवं पूर्व
प्रशासनिक सचिव बिहार शासन पं.विद्यानंद झा जी को लाईफ टाईम एचिवमेंट सम्मान, डॉ.अशोक अविचल को भाषा रत्न सम्मान सहित छ.ग. के और विभिन्न राज्यों में समाज के गतिविधियों को अग्रसर करने के लिए मिथिला गौरव एवं मिथिला भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया।

सांयकाल देश के विभिन्न राज्यों सहित छ.ग.प्रदेश के कविगणों द्वारा बहुभाषी कविगोष्ठी की गयी, जिसमें डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र देहरादुन,ईश्वर करूण चेन्नाई, डॉ. राजश्री रावत भोपाल, श्यामल सुमन जमसेदपुर, ममता मिश्रा एवं अमिरी नाथ झा बोकारो, सकुन्तला तरार, संजीव ठाकुर, युक्ता राजश्री झा, गोमाल चंद्र देवनाथ, डॉ. दीलीप कुमार सहा, रायपुर, अशोक अविचल, गणेश झा, भास्कर राय पटना द्वारा भाग लिया गया तत्पश्चात् गीत संगीत समारोह सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्यअतिथि दैनिक दैनंदिनी समाचार पत्र के प्रबंध
संपादक श्री आर.एस.शुक्ला , एवं अध्यक्षता अंतर्राष्ट्रीय कवि डॉ.बुद्धिनाथ मिश्र(देहरादुन) द्वारा किया गया ।

कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष छ.ग.मिथिला समाज एवं मैथिल प्रवाहिका के संरक्षक श्री अशोक चौधरी एवं संयोजक मनीष कुमार झा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि इस कार्यक्रम में सम्पूर्ण भारतवर्ष से साहित्यकार, लेखक-लेखिका एवं कवि-कवित्रियां व मिथिला, बांगला तथा छ.ग.प्रदेश के सभी समाज जनों ने हर्ष पूर्वक सुबह 9ः00 बजे से रात्री 10 बजे तक लोगों ने रसास्वादन किया। एवं 30 अप्रेल 2012 को छ.ग.प्रदेश के राजीव लोचन मंदिर, चम्पारण, डोंगरगढ़, राजनांदगांव एवं नगपुरा आदि पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया
गया।

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