जगार मेले में एक करोड़ से अधिक शिल्प कलाकृति की बिक्री

रायपुर, 4 मार्च 2019/ राजधानी के छत्तीसगढ़ हाट परिसर (पंडरी) में आयोजित 10 दिवसीय जगार 2019 मेले का आज समापन हुआ। इस मेले में छत्तीसगढ़ राज्य में देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिल्पियों ने हिस्सा लिया। जगार मेले में छत्तीसगढ़ के 60 तथा अन्य प्रदेशों के 110 शिल्पकारों ने बिक्री सहप्रदर्शनी में सहभागिता दी।

प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदेश के विभिन्न अंचलों के छह सिद्धहस्त शिल्पियों को 2018-19 का राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्तर के इस जगार-2019 महामेला का शुभारंभ 23 फरवरी को ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने किया था।

जगार मेले से कलाकारों को अच्छा आर्थिक लाभ ही नहीं, बल्कि प्रदेश के चुनिंदा एवं उत्कृष्ट कलाकृति के लिए उन्हें राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त करने का अवसर भी मिले हैं। जगार-2019 में छत्तीसगढ़ राज्य के अलावा महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, नईदिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, झारखण्ड एवं हरियाणा आदि राज्य के कलाकार भी भाग लिए और अपनी उत्कृष्ट शिल्प कलाकृति एवं उत्पाद का प्रदर्शन मेले में किए। सिद्धहस्त शिल्पकारियों द्वारा अपनी उत्पाद और हस्तशिल्प कला की अमिट छाप राजधानीवासियों पर छोडने में कामयाब रहे हैं।

प्रदर्शनी मेला में छत्तीसगढ़ राज्य के 60 शिल्पी जिसमें बेलमेटल शिल्प, लौह शिल्प, काष्ठ शिल्प, बांस शिल्प, शिसल शिल्प, गोदना शिल्प, टेराकोटा शिल्प एवं हाथकरघा वस्त्र बिक्री के स्टाल लगाए गए थे।

इसमें विभिन्न राज्यों के आर्ट मेटल वेयर, जरी एण्ड जरी गुड्स, पोर्टी एण्ड क्ले, कारपेट, जूट, हैण्ड एम्ब्रायडरी, लेदर एण्ड आर्टिकल्स, लाख चूड़ियां, पेंचवर्क, बटिक प्रिंट, ब्लॉक प्रिंट, टेराकोटा, चंदेरी, बनारसी साड़ी, कश्मीरी शॉल, चिकन वर्क, पेंटिग, वूड क्राफ्ट, ज्वेलरी, हैण्ड प्रिंटेड टेक्सटाइल्स, चिकन वर्क से संबंधित उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध थे।

छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के श्री जे. एल. मरावी ने बताया कि मेले में एक करोड़ 3 लाख से अधिक राशि की सामग्री बिक्री हुई। इनमें छत्तीसगढ़ राज्य के शिल्पियों की बिक्री 34 लाख 45 हजार रूपए व माटीकला बोर्ड द्वारा 37 हजार और अन्य प्रदेश के आए शिल्पियों की बिक्री 68 लाख 33 हजार रूपए की हुई है।

इस मेले में देश भर के प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री बिपिन मांझी, प्रबंधक श्री जे.एल. मरावी, सहायक प्रबंधक सर्वश्री सी.एस. केहरी और परेश मिंज द्वारा सहभागिता प्रमाण पत्र वितरित किया गया।

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