सिंचाई बांधों के गेट अचानक न खोले जाएँ : मुख्यमंत्री

मानसून के दौरान सभी जिलों में आपदा प्रबंधन की अग्रिम तैयारी

रायपुर, 21 जून 2014/ मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को मानसून के दौरान जल संसाधन विभाग के माध्यम से नदी-नालों के जल स्तर पर लगातार निगाह रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टरों से कहा है कि बांधों का जल स्तर पर बढ़ने पर निचले जिलों की जनता और सीमावर्ती राज्यों के अधिकारियों को कम से कम बारह घण्टे पहले सूचित कर दिया जाए। बारिश के दौरान सिंचाई जलाशयों के गेट अचानक ना खोले जाएं। अगर पानी छोड़ना जरूरी हो तो मुनादी करके और अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए आम जनता को पर्याप्त समय पहले जानकारी दी जाए, ताकि लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जा सकें।
मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं, युवाओं और आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे बारिश के इस मौसम में नदी-नालों और सिंचाई जलाशयों में अनावश्यक रूप से न जाएं। यदि किसी कार्यवश वहां जाना बहुत जरूरी हो तो पूरी सावधानी बरतें, संबंधित स्थानीय अधिकारियों से मार्गदर्शन लें और सुरक्षा नियमों का भी पालन करें। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में व्यास नदी की घटना में आन्ध्र प्रदेश के 24 विद्यार्थियों के बह जाने की घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना के अलावा पड़ोसी राज्य झारखण्ड के ग्राम चन्द्रपुरा में कल दामोदर नदी के बांध से अचानक पानी छोड़े जाने पर दस किशोरों और युवाओं के बाल-बाल बचने की घटना को देखते हुए छत्तीसगढ़ के सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
डाॅ. रमन सिंह ने जिला कलेक्टरों से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों में मानसून के दौरान संभावित भारी वर्षा से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की सभी अग्रिम तैयारियां युद्ध स्तर पर पूर्ण कर लें। डाॅ. सिंह ने कहा कि अधिकांश जिलों में तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और कई जिलों में तेजी से तैयारी चल रही है। उन्होंने जिला कलेक्टरों से कहा है कि जिला मुख्यालयों सहित तहसील मुख्यालयों में भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष चैबीसों घण्टे चालू रखें और उनके टेलीफोन नम्बरों की जानकारी प्रचार माध्यमों के जरिए आम जनता को दी जाए। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को जिला एवं तहसील स्तर पर बाढ़ नियंत्रण अधिकारी नामांकित करने के भी निर्देश दिए हैं। उनके निर्देशों के अनुरूप राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर दिया है।
ज्ञातव्य है कि राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष राजधानी रायपुर के गांधी चैक स्थित आयुक्त भू-अभिलेख के कार्यालय में इस महीने की दस तारीख से शुरू हो गया है। इसका टेलीफोन नम्बर 0771-2510593 और टेली फैक्स नम्बर 0771-2510823 है। मुख्यमंत्री ने राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों को ऐसे क्षेत्रों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जहां लगभग हर साल बाढ़ की स्थिति निर्मित होती है। उन्होंने कहा है कि ऐसे इलाकों के लिए आपदा प्रबंधन की अग्रिम तैयारी की दृष्टि से राहत शिविर आदि लगाने की कार्य योजना तैयार कर ली जाए। संक्रामक बीमारियों के इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाईयांे का स्टाक मितानिनों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को उपलब्ध करा दिया जाए। उन्हें कुओं और हैण्डपम्पों के जल शुद्धिकरण के लिए ब्लीचिंग पावडर भी पर्याप्त मात्रा में दिया जाए। उप स्वास्थ्य केन्द्रों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला अस्पतालों में भी इन दवाईयों का पर्याप्त स्टाक रखा जाए। बाढ़ से बचाव के लिए जो भी उपकरण जिलों में उपलब्ध हैं, उन्हें ठीक हालत में रखा जाए। शहरी क्षेत्रों में बड़े नालों और छोटी नालियों की साफ-सफाई नियमित रूप से हो, ताकि पानी अवरूद्ध होने पर सड़कों पर जल जमाव की स्थिति निर्मित न होने पाए।
 मुख्यमंत्री ने बरसात के मौसम में आपदा प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ने जल संसाधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुधन विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग, पुलिस, नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा (होम गार्ड), नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वन विभाग सहित विद्युत कम्पनियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

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