भारत की आत्मा है गंगा
गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, लोक आस्था और सभ्यता की जीवनधारा है। जानिए गंगा के धार्मिक, ऐतिहासिक, वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व पर आधारित भावनात्मक एवं तथ्यपूर्ण आलेख।
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Read Moreदिल्ली के लाल किला मैदान में 24 मई 2026 को प्रस्तावित जनजातीय ‘डीलिस्टिंग’ रैली देशभर के जनजातीय समाज की पहचान, संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे को सामने ला रही है। इस आंदोलन की प्रमुख मांग है कि धर्मांतरण कर अपनी मूल जनजातीय परंपरा छोड़ चुके लोगों को अनुसूचित जनजाति (ST) सूची से बाहर किया जाए।
Read Moreसनातन संस्कृति में कछुआ केवल एक जीव नहीं, बल्कि स्थिरता, धैर्य, दीर्घायु और ब्रह्मांडीय संतुलन का प्रतीक माना गया है। जानिए कूर्म अवतार, गीता, पुराण, वास्तु और योगशास्त्र में कछुए की आध्यात्मिक एवं दार्शनिक महत्ता।
Read More“तिलचट्टों भारत कोई इंस्टाग्राम रील नहीं” व्यंग्य में सोशल मीडिया आधारित अराजक राजनीति, डिजिटल क्रांति के भ्रम और भारतीय लोकतंत्र की गहरी जड़ों पर तीखा कटाक्ष प्रस्तुत किया गया है।
Read Moreक्या जैव विविधता का ह्रास सीधे मानव स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है? वेदों और पुराणों की दृष्टि से जानिए प्रकृति, रोग और जीवन के गहरे संबंध को समझने का वैज्ञानिक आधार।
Read Moreवेदों और पुराणों में निहित प्रकृति संरक्षण की अवधारणा आज के पर्यावरण संकट के समाधान का मार्ग दिखाती है। जानिए कैसे भारतीय परंपरा में जैव विविधता, संतुलन और सतत विकास का गहरा संबंध है।
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