स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और ‘झंडा ऊँचा रहे हमारा’ के रचनाकार श्यामलाल गुप्त
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और ‘झंडा ऊँचा रहे हमारा’ के रचनाकार श्यामलाल गुप्त का जीवन परिचय, उनके संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र सेवा के उल्लेखनीय योगदान पर विशेष आलेख।
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Read Moreराधाबाई महाराष्ट्र की रहने वालीं थीं। उनका पूरा जीवन छत्तीसगढ़ में बीता। वे पेशे से नर्स थीं लेकिन अपने पूरे परिवेश में डाक्टर राधाबाई के नाम से प्रसिद्ध थीं। वे 1930 से स्वतंत्रता के लिये किये जाने वाले अहिसंक आँदोलन से जुड़ीं और उन्होंने 1942 तक हर ‘सत्याग्रह’ में भाग लिया एवं जेल गईं।
Read Moreमानसिक दृढ़ संकल्प की कि पुलिस की हजार प्रताड़नाओं के बाद भले प्राण चले जायें पर संकल्प टस से मस न हो। ऐसे ही संकल्पवान क्राँतिकारी थे महावीर सिंह राठौर। जिनसे क्राँतिकारियों का विवरण पूछने के लिये प्रताड़ित किया गया और तब उन्होंने क्राँतिकारियों को प्रताड़ित किये जाने के विरुद्ध अनशन किया फिर भी प्रताड़ना बंद न हुई
Read Moreहिन्दी और छत्तीसगढ़ी भाषाओं के वह एक ऐसे कवि थे, जिनकी कविताओं में और जिनके गीतों में अन्याय और शोषण की जंजीरों से माटी -महतारी की मुक्ति की बेचैन अभिव्यक्ति मिलती है। वह एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, इतिहासकार, पत्रकार, लेखक, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता और छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन के अग्रणी नेता भी थे।
Read Moreसुप्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन एक ऐसे राजनेता थे जिन्होंने राजनैतिक सक्रियता के साथ भारत राष्ट्र के
Read Moreदुर्गाबाई देशमुख का जन्म 15 जुलाई 1909 को आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा क्षेत्र के अंतर्गत राजामुंद्री में हुआ था। उनके पिता रामाराव भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। जब वे दस वर्ष की थीं, तब पिता का निधन हो गया। उनकी माता कृष्णावेनम्मा भी स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी थीं और कांग्रेस की सचिव बनीं।
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