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स्वाधीनता से अखंडता की ओर भारत का संघर्ष और संभावनाएँ

भारत पर शक, हूण, कुषाण एवं यवन के आक्रमण हुए, परंतु भारत पर उनके कुछ समय के शासन के पश्चात वे भारतीय सनातन संस्कृति में ही रच बस गए एवं भारत का हिस्सा बन गए। परंतु, अरब के देशों से मुसलमान एवं ब्रिटेन से अंग्रेजों के भारत पर चले शासन के दौरान उन्होंने भारतीय नागरिकों का बलात धर्म परिवर्तन करवाया, स्थानीय नागरिकों पर अकल्पनीय अत्याचार किए। भारत के बड़े बड़े प्रतिष्ठानों, मंदिरों एवं ज्ञान के स्थानों को नष्ट किया।

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कहानी स्वतंत्रता से पूर्व 15 दिनों की

4 अगस्त आते – आते भगत सिंह के पैतृक गांव, पंजाब स्थित जरनवाला पर मुस्लिम नेशनल गार्ड के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया, जो कि वास्तव में एक हिंदू – सिख बहुल शहर था। इसी समय भारत और पाकिस्तान के मासूम और निर्दोष लोग अपनी जान बचाकर,  सीमा पार कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे थे। अनेकों लोगों को अपना घर और परिवार गंवाकर शरणार्थी शिविर में रहना पड़ रहा था।

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मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का स्वतंत्रता दिवस संदेश, गिनाई उपलब्धियाँ

आज मैं आपको छत्तीसगढ़ के ‘विजन 2025’ में भागीदार बनने का आव्हान करता हूं। हम संकल्प लेते हैं कि जब छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मनाएगा, तब 25 साल के नौजवान छत्तीसगढ़ की जीएसडीपी आज से दोगुनी होगी।

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स्वतंत्रता दिवस पर महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन

सांस्कृतिक संध्या में मोहरी वादन का कार्यक्रम श्री राधे सिंह गंधर्व और उनकी टीम द्वारा, वंदे मातरम् नृत्य नाटिका-मितवा समिति थर्ड जेण्डर द्वारा किया जाएगा।

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