संविधान

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‘वोटर अधिकार यात्रा’ से राहुल गांधी का एलान: लोकतंत्र और चुनाव आयोग की निष्पक्षता की रक्षा का संकल्प

राहुल गांधी ने बिहार से ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत करते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता अधिकारों की रक्षा का आह्वान किया। कांग्रेस ने SIR के माध्यम से लाखों वोटरों के नाम हटाए जाने पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

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futuredछत्तीसगढ

आपातकाल स्मृति दिवस पर लोकतंत्र सेनानियों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में उन्होंने श्री सच्चिदानंद उपासने द्वारा लिखित पुस्तक ‘वो 21 महीने: आपातकाल’ का भी विमोचन किया।

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futuredविश्व वार्ता

आपात काल : एक ऐसी अंधेरी रात जिसके सुबह होने की कोई तिथि नहीं थी…

संविधान में आपातकाल लगाने का प्रावधान है, लेकिन यह तब है जब संकट राष्ट्र पर हो। लेकिन 25 जून 1975 को राष्ट्र पर कोई संकट नहीं था, फिर भी आपातकाल लागू किया गया था।

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तमिलनाडु के TASMAC मुख्यालय पर ED की छापेमारी पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई सख्त नाराजगी, कार्यवाही पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के सरकारी निगम TASMAC पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी को लेकर सख्त नाराजगी जताई है और इस कार्रवाई पर अस्थायी रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि ED ने संविधान की सीमाओं का उल्लंघन करते हुए एक सरकारी संस्था के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज किया, जो संघीय ढांचे के खिलाफ है। कोर्ट ने एजेंसी से कार्रवाई के कानूनी आधार पर जवाब मांगा है।

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futuredखबर राज्यों सेताजा खबरें

वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट पहुँचे छह भाजपा शासित राज्य

वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जारी सुनवाई के बीच छह भाजपा शासित राज्यों ने इसके समर्थन में याचिकाएं दाखिल की हैं। मध्य प्रदेश, असम, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ ने कानून को पारदर्शिता और जवाबदेही लाने वाला बताया है। राज्यों ने वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग, प्रक्रियात्मक खामियों और निगरानी की कमी को दूर करने के लिए इस संशोधन की आवश्यकता जताई है।

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राष्ट्रपति को राज्य विधेयकों पर निर्णय के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तय की 3 महीने की सीमा

सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति को भेजे गए विधेयकों पर राष्ट्रपति को तीन महीने में निर्णय लेना अनिवार्य होगा, अन्यथा देरी के कारण बताने होंगे। निर्णय अनुच्छेद 201 की व्याख्या को लेकर ऐतिहासिक माना जा रहा है।

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