संत रविदास का जीवन-संदेश और समरस भारत की दिशा
संत रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष के संदर्भ में यह आलेख उनके समता, श्रमसम्मान और सामाजिक समरसता के संदेश को रेखांकित करता है तथा समरस समाज निर्माण की दिशा में प्रेरणा देता है।
Read Moreसंत रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष के संदर्भ में यह आलेख उनके समता, श्रमसम्मान और सामाजिक समरसता के संदेश को रेखांकित करता है तथा समरस समाज निर्माण की दिशा में प्रेरणा देता है।
Read Moreछत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक संत परम्परा पर आयोजित दो दिवसीय शोध संगोष्ठी सम्पन्न हुआ। इस संगोष्ठी के सभी सत्रों में 21 शोध पत्रों का वाचन किया गया।
Read More