श्री उमेश चौरसिया

futuredपॉजिटिव स्टोरी

दुर्बल नहीं, सबल बनो – स्वामी विवेकानंद

शक्ति, शक्ति, शक्ति, यही वह है जिसकी हमें जीवन में सर्वाधिक आवश्यकता है। कमजोर के लिए यहाँ कोई जगह नहीं हैं, न इस जीवन, न ही किसी और जीवन में । दुर्बलता गुलामी की ओर ले जाती है । दुर्बलता हर प्रकार की दुर्गति की ओर ले जाती है- शारीरिक और मानसिक । शक्ति ही जीवन है और दुर्बलता मृत्यु

Read More
futuredधर्म-अध्यात्म

जगन्नाथ यात्रा का विशेष सांस्कृतिक महत्व

प्रत्येक वर्ष आषाढ़ माह शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि को सम्पूर्ण भारत में निकाली जाने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा की परम्परा

Read More
futuredसमाज

जानिए विवेकानन्द शिला स्मारक के महत्व को, जहाँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ध्यान करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 31 मई और 1 जून को कन्याकुमारी समुद्र के मध्य में स्थित विवेकानन्द शिला स्मारक पर

Read More