भई प्रगट कुमारी भूमि-विदारी जन हितकारी भयहारी : माता जानकी जयंती विशेष
माता सीता के जन्म, जीवन और धरती में समाने की प्रतीकात्मकता के माध्यम से भारतीय दर्शन में नारी और प्रकृति के अविभाज्य संबंध का गहन विवेचन।
Read Moreमाता सीता के जन्म, जीवन और धरती में समाने की प्रतीकात्मकता के माध्यम से भारतीय दर्शन में नारी और प्रकृति के अविभाज्य संबंध का गहन विवेचन।
Read Moreस्वामी विवेकानंद के राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक चेतना पर केंद्रित यह आलेख बताता है कि आत्मगौरव, सेवा, वेदांत और युवाशक्ति के माध्यम से उन्होंने आधुनिक भारत की वैचारिक नींव कैसे रखी।
Read More11 सितंबर 1893 को शिकागो धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद के “मेरे प्यारे भाइयो और बहनो” संबोधन ने विश्व को भारतीय दर्शन, सहिष्णुता और मानवता का संदेश दिया। यह क्षण हर भारतवासी के लिए गर्व का प्रतीक है।
Read Moreआचार्य गोविन्द चन्द्र पाण्डेय भारतीय दर्शन, संस्कृति और भाषा के समर्पित विद्वान थे, जिन्होंने अपने शोध, लेखन और अध्ययन से भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनर्परिभाषित किया।
Read Moreमहर्षि अरविंद का वास्तविक नाम अरविंद घोष था उनका जन्म 15 अगस्त 1872 को कलकत्ता के एक सम्पन्न परिवार में हुआ था। पिता डॉक्टर कृष्ण धन घोष एक प्रतिष्ठित चिकित्सक और प्रभावशाली व्यक्ति थे
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