लोक संस्कृति, शोध और साहित्य के सेतु: डॉ. देवधर महंत
छत्तीसगढ़ी और हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित रचनाकार डॉ. देवधर महंत 23 अप्रैल को 70वां जन्मदिवस मना रहे हैं। ‘अरपा नदिया’ सहित अनेक कालजयी कृतियों से उन्होंने साहित्य को समृद्ध किया।
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Read Moreगुरुदेव काश्यप चौबे के जीवन, पत्रकारिता और साहित्यिक योगदान पर विस्तृत आलेख। सिद्धांतनिष्ठ संपादक के रूप में उनका संघर्ष, व्यक्तित्व और विरासत।
Read Moreडॉ. हरिवंश राय बच्चन के व्यक्तित्व, काव्य-सृजन, मधुशाला के दर्शन और साहित्यिक योगदान पर आधारित यह विस्तृत आलेख उनके जीवन, शैली, रूपक-शिल्प और लोकप्रियता का प्रभावशाली चित्र प्रस्तुत करता है।
Read Moreरायगढ़ कथक घराने की परिभाषा और पहचान डॉ. बलदेव के शोध व लेखन से संभव हुई। उनके लेख सांस्कृतिक इतिहास का प्रामाणिक स्रोत माने जाते हैं।
Read Moreअपने सत्कर्मो से मनुष्य महान बनता है । संत कबीर और महात्मा गाँधी इस बात के उदाहरण हैं। महन्त बिसाहूदास इनके चरण चिन्हों पर चलने वाले हमारे समय के सर्वमान्य नेता थे , उनका उदार चरित्र अनुकरणीय है।
Read More“भाषा संस्कृति है और संस्कृति खेती है,जिसकी फसल साहित्य है। लेकिन साहित्य संदेश देता है, उपदेश नहीं।” ये शब्द प्रसिद्ध भाषाविद और विद्वान साहित्यकार डा.चित्तरंजन कर के हैं ,जो वे विगत दिनों तिल्दा-नेवरा में आयोजित समन्वय साहित्य परिवार छत्तीसगढ़ के 29 वें वार्षिक महोत्सव में मुख्य अभ्यागत की आसंदी से बोल रहे थे।
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